बेलदी में सड़क नहीं, कीचड़ का दलदल; मासूम बच्चों से लेकर मरीजों तक की मुश्किलें बढ़ीं
संभागीय ब्यूरो विनय द्विवेदी
बारिश में छोटी बेलदी-बड़ी बेलदी मार्ग बदहाल, जिम्मेदारों की उदासीनता पर ग्रामीणों में आक्रोश
उमरिया/मानपुर। जनपद पंचायत मानपुर की ग्राम पंचायत बेलदी में विकास के दावों की जमीनी हकीकत सामने आई है। छोटी बेलदी को बड़ी बेलदी से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बारिश के बाद सड़क के बजाय कीचड़ के दलदल में तब्दील हो गया है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को घुटने तक कीचड़ से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। बारिश की शुरुआत के साथ ही इस मार्ग पर लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है।
कीचड़ में सने बस्ते, फिसलते कदम
सड़क की बदहाली का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। बच्चे रोज हाथों में बस्ता लेकर कीचड़ से भरे रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं। रास्ते में फिसलने के कारण बच्चों के कपड़े गंदे होने के साथ ही कॉपियां और किताबें भी खराब हो रही हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार बच्चे रास्ते में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
एंबुलेंस तो दूर, बाइक निकालना भी मुश्किल
छोटी बेलदी के सैकड़ों ग्रामीणों के लिए यह मार्ग आवागमन का प्रमुख रास्ता है। बारिश के बाद मार्ग की हालत इतनी खराब हो गई है कि दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ी चिंता आपातकालीन स्थिति को लेकर है। यदि रात के समय कोई बुजुर्ग, गर्भवती महिला या गंभीर मरीज बीमार पड़ जाए तो उसे मुख्य सड़क तक पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। दलदल के कारण एंबुलेंस और चारपहिया वाहन भी गांव तक पहुंचने में परेशानी का सामना कर सकते हैं।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
स्थानीय निवासी राजेश्वर चतुर्वेदी का आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार पंचायत के जिम्मेदारों को अवगत कराया जा चुका है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत बेलदी के सरपंच उमेश कोल और सचिव राजमन त्रिपाठी को भी समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि कम से कम बारिश के दौरान मार्ग को आवागमन योग्य बनाने के लिए मुरम या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती थी।
ग्रामीणों की मांग—स्थायी सड़क का हो निर्माण
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि छोटी बेलदी से बड़ी बेलदी को जोड़ने वाले मार्ग का जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, मरीजों की स्वास्थ्य सुविधा और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी मूलभूत आवश्यकता है।
अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को राहत दिलाएंगे, या बेलदी के लोग हर बारिश में इसी कीचड़ भरे रास्ते पर चलने को मजबूर रहेंगे?




