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नवोदय में गूंजा कल्याणिका का परचम: 5 नन्हे सितारों की ऐतिहासिक सफलता, उत्कृष्ट शिक्षा का जीवंत उदाहरण बना विद्यालय

admin
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पटना/राजेंद्रग्राम।

पत्रकार विनय की रिपोर्ट (8349627682)

प्रतिभा, परिश्रम और उत्कृष्ट मार्गदर्शन का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिला, जब कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन, पटना राजेंद्रग्राम के कक्षा 5 के पांच होनहार विद्यार्थियों ने सत्र 2025-26 की नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा में शानदार सफलता अर्जित कर विद्यालय का नाम गौरव से ऊंचा कर दिया। इस उपलब्धि ने न केवल स्कूल, बल्कि पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है।

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नवोदय जैसी प्रतिस्पर्धात्मक और प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले इन प्रतिभाशाली छात्रों में शौर्य कुमार कोल (पिता: धीरेंद्र प्रसाद), सृजल टांडिया (पिता: नीरज प्रसाद), अक्षय ताम्रकार (पिता: अर्जुन प्रसाद), गगन मरकाम (पिता: दीपक सिंह मरावी) और सूफीयान खान (पिता: सफीक खान) शामिल हैं। इन विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया कि अगर सही दिशा और मजबूत संकल्प हो, तो सफलता निश्चित है।

 

विद्यालय की शिक्षा प्रणाली बनी सफलता की कुंजी:

इस उल्लेखनीय उपलब्धि के पीछे कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन की सुदृढ़ और आधुनिक शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण योगदान है। विद्यालय में न केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा दी जाती है, बल्कि छात्रों के बौद्धिक, मानसिक और नैतिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

 

विद्यालय की विशेषताएं:

अनुभवी और समर्पित शिक्षकों की टीम

नियमित टेस्ट और प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी

अनुशासन और संस्कारों पर विशेष जोर

छात्रों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए प्रेरणात्मक वातावरण

 

 

यही कारण है कि यहां के छात्र हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और बड़े-बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

शिक्षकों का समर्पण और मार्गदर्शन बना आधार:

विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को न केवल विषयों की गहराई से तैयारी कराई, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाते हुए परीक्षा के हर पहलू के लिए तैयार किया। बच्चों को समय-समय पर मॉक टेस्ट, विशेष कक्षाएं और व्यक्तिगत मार्गदर्शन दिया गया, जिससे उनकी तैयारी और भी मजबूत हुई।

 

गर्व और प्रेरणा का बना केंद्र:

इस शानदार सफलता से विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल है। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे क्षेत्र की अग्रणी शैक्षणिक संस्था बताया है।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि उनका लक्ष्य केवल परीक्षा में सफलता दिलाना नहीं, बल्कि छात्रों को एक जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और संस्कारी नागरिक बनाना है। इसी उद्देश्य के साथ विद्यालय लगातार उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर रहा है।

भविष्य के लिए नई प्रेरणा

कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन की यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई है। विद्यालय ने भविष्य में भी इसी तरह छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करने का संकल्प दोहराया है।

निस्संदेह, यह सफलता बताती है कि जब शिक्षा में गुणवत्ता, समर्पण और सही दिशा मिलती है, तो छोटे से विद्यालय से भी बड़े-बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है।

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