Ad imageAd image
d84ef9efc3d53b57ca3a957694261ad58b2c2b9e

आईजी के दरबार पहुंची गंभीर शिकायत: थाना बंडा की आरक्षक पर पद के दुरुपयोग और परिजनों को संरक्षण देने के आरोप

admin
3 Min Read
इस खबर को शेयर करें

*आईजी के दरबार पहुंची गंभीर शिकायत: थाना बंडा की आरक्षक पर पद के दुरुपयोग और परिजनों को संरक्षण देने के आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग*

*भोपाल/सागर*। सागर जिले के थाना बंडा में पदस्थ एक आरक्षक के खिलाफ गंभीर आरोपों से जुड़ा मामला अब पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया है। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) भोपाल को सौंपे गए विस्तृत शिकायत-पत्र में महिला आरक्षक कृष्णा वर्मा बेंच क्रमांक 828 पर अपने पद एवं पुलिस अधिकारों के कथित दुरुपयोग, परिजनों को संरक्षण देने तथा निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

- Advertisement -
Ad imageAd image

शिकायतकर्ता शोभाराम अहिरवार, निवासी जयसीनगर, जिला सागर ने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित आरक्षक लगभग 10 वर्षों से थाना बंडा में पदस्थ हैं और लंबे समय से अपने गृह क्षेत्र में ही सेवाएं दे रही हैं। शिकायत में इसे स्थानांतरण नीति एवं प्रशासनिक पारदर्शिता के विपरीत बताते हुए इसकी भी समीक्षा की मांग की गई है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आरक्षक के परिजनों के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक मामलों की चर्चा क्षेत्र में लंबे समय से होती रही है, लेकिन पुलिस प्रभाव के कारण मामलों में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा अपने पद का उपयोग निजी हितों के लिए किया जा रहा है तो यह कानून व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस विभाग की साख पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि मामले को उठाने के बाद शिकायतकर्ता एवं उसके परिवार पर भय और दबाव का माहौल बना हुआ है। इसी कारण उन्होंने किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जांच कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिकायत-पत्र में आईजी भोपाल से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित आरक्षक की लंबे समय से एक ही थाने में पदस्थापना की समीक्षा की जाए तथा यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

- Advertisement -
Ad imageAd image

*जांच पर टिकी निगाहें*

मामला अब पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच चुका है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच किस स्तर पर कराई जाती है और विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

Share This Article
Leave a Comment