“रघुनाथगंज में करोड़ों की पानी टंकी बेकार: भीषण गर्मी में प्यासे ग्रामीण, जिम्मेदार कौन?”
रघुनाथगंज, विशेष रिपोर्ट: दीनानाथ गुप्ता
ग्राम रघुनाथगंज में करीब दो से तीन वर्ष पहले बड़ी उम्मीदों के साथ पानी की टंकियों का निर्माण किया गया था, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध हो सके। लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज दिनांक तक इन टंकियों से पानी की समुचित व्यवस्था शुरू ही नहीं हो पाई है। गर्मी के इस भीषण मौसम में जब पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, टंकी निर्माण के समय स्टाफ के रहने और संचालन की व्यवस्था भी बनाई गई थी, लेकिन वर्तमान में वहां कोई देखरेख करने वाला नहीं है। हालत यह है कि पानी चालू करने की व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है और परिसर में तालाब जैसा पानी जमा हो गया है, जो लापरवाही की साफ तस्वीर पेश करता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ना तो ठेकेदार इस ओर ध्यान दे रहा है और ना ही संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
गांव के लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह शासन-प्रशासन का उदासीन रवैया बना रहा, तो आने वाले दिनों में हालात और भी खराब हो सकते हैं। बढ़ती गर्मी के बीच पानी की किल्लत ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है।
ग्रामीणों की मांग:
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देने और पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बड़ा सवाल:
आखिर रघुनाथगंज के ग्रामीणों को पानी कब मिलेगा?
इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है?
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और प्यासे ग्रामीणों को राहत मिलती है या नहीं।


