7 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में बची गौ माता की जान
दलदल में फंसी गाय को नंदी गौ सेवा धाम की टीम ने जेसीबी की मदद से सुरक्षित निकाला
शहडोल।
इंसानियत और गौ सेवा की मिसाल पेश करते हुए नंदी गौ सेवा धाम के सदस्यों ने 7 घंटे तक लगातार चले कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दलदल में फंसी एक गौ माता की जान बचा ली। यह भावुक कर देने वाली घटना शहर के वार्ड क्रमांक 16 स्थित बड़ी भीट तालाब के समीप की है, जहां बीती रात से एक गाय गहरे दलदलनुमा प्लांट में फंसी हुई थी।
स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलते ही नंदी गौ सेवा धाम की टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची और तत्काल बचाव अभियान शुरू कर दिया। बताया गया कि गौ माता सड़क से लगभग 50 मीटर दूर दलदल में बुरी तरह धंस चुकी थी और खुद बाहर निकल पाने में पूरी तरह असहाय थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन आसान नहीं था। दलदल में कीड़े-मकोड़ों और जोंकों की भरमार थी, जिससे गौ सेवकों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी और लगातार 6 से 7 घंटे तक अथक प्रयास जारी रखे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए समाजसेवी सिल्लू रजक ने तत्काल जेसीबी मशीन की व्यवस्था कराई। जेसीबी की मदद और टीम की सूझबूझ से आखिरकार गौ माता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जैसे ही रेस्क्यू सफल हुआ, मौके पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर गौ सेवकों का उत्साहवर्धन किया।
इस सराहनीय अभियान में गौ सेवक अमन यादव, विकास जोतवानी, सिद्धांत, पिंकू रजक, दीपक सिंह एवं दीपू की अहम भूमिका रही। सभी ने अपनी जान की परवाह किए बिना दलदल में उतरकर सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की।
स्थानीय नागरिकों ने नंदी गौ सेवा धाम की टीम की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं किया जाता, तो गौ माता की जान बचाना मुश्किल हो सकता था। लोगों ने पशुपालकों से भी अपील की कि वे गौवंश को बेसहारा न छोड़ें और उनकी जिम्मेदारी समझें।
नंदी गौ सेवा धाम के इस मानवीय और प्रेरणादायक कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।





