पेट्रोल पंप पर युवक से मारपीट का आरोप, जांच और न्याय की मांग को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ब्यौहारी के पेट्रोल पंप पर हुई कथित मारपीट मामले में प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
ब्यौहारी, शहडोल।
जनपद पंचायत ब्यौहारी के सामने स्थित बी.पी. पेट्रोल पंप (गुप्ता फिलिंग स्टेशन) में कथित मारपीट के मामले को लेकर ग्राम तेन्दुआढ़ निवासी दलबीर पटेल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं न्याय की मांग की है।
प्रार्थी दलबीर पटेल, पिता रामसुफल पटेल, निवासी ग्राम तेन्दुआढ़, थाना एवं तहसील ब्यौहारी, जिला शहडोल ने अपने आवेदन में बताया कि वह 30 मई 2026 को रात लगभग 10:30 बजे जनपद पंचायत कार्यालय के सामने स्थित बी.पी. पेट्रोल पंप पर वाहन में पेट्रोल भरवाने पहुंचे थे। इसी दौरान पेट्रोल पंप के कर्मचारी अरुणोदय द्विवेदी एवं शक्तिमान तिवारी द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की, लेकिन उनके अनुसार मामले में अब तक उचित कार्रवाई नहीं की गई है। इसी को लेकर उन्होंने राजस्व विभाग के समक्ष कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच कराने की मांग उठाई है।
जांच की मांग के प्रमुख बिंदु
ज्ञापन में दलबीर पटेल ने निम्न बिंदुओं पर जांच कराए जाने की मांग की है—
चिकित्सक द्वारा तैयार की गई एमएलसी (मेडिको लीगल रिपोर्ट) की निष्पक्ष जांच कर सही परीक्षण कराया जाए।
शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए तथ्यों के अनुरूप रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने की जांच की जाए।
पेट्रोल पंप परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर घटना की वास्तविकता सामने लाई जाए।
पेट्रोल पंप पर तेल भरने के दौरान बरती जा रही कथित लापरवाही की भी जांच की जाए।
तीन दिन में कार्रवाई की मांग
आवेदन में प्रार्थी ने प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले में तीन दिवस के भीतर न्याय दिलाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में न्याय नहीं मिला तो क्षेत्र के नागरिकों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।ज्ञापन की प्रतिलिपि थाना प्रभारी ब्यौहारी सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
प्रशासनिक जांच पर टिकी निगाहें
मामले में लगाए गए आरोपों की सत्यता और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज की जांच पर टिकी हुई हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की संभावना बन सकती है।





