ब्यौहारी, मध्य प्रदेश, 20अप्रैल 2026:
यस न्यूज़ प्रतिनिधि विनय द्विवेदी की रिपोर्ट (94247 77542)
भाजपा सरकार में शिक्षा संस्थानों के पास शराब दुकानें ही विकास का मॉडल
भाजपा की कुरीतियों को बयां करती तस्वीर:
ब्यौहारी अथर्व पैरामेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने विधायक को सौंपा ज्ञापन, शराब दुकान हटाने की मांग तेज
विनय द्विवेदी ब्यौहारी – मध्यप्रदेश के शहडोल जिले से ब्यौहारी में शिक्षा और नशे के टकराव की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है, जो भाजपा शासन की नीतियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। अथर्व पैरामेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने कॉलेज से सटी संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक शरद जुगलाल कोल एवं एसडीएम ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपा है।

कॉलेज छात्राओं का कहना है कि नियमों और शर्तों के विपरीत कॉलेज परिसर से मात्र 30 फीट की दूरी पर अंग्रेजी और देशी शराब दुकान वर्षों से संचालित हो रही है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक वातावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है।
यह शराब दुकान जनपद कार्यालय के पास एवं महिला बाल विकास कार्यालय के सामने स्थित है और अथर्व पैरामेडिकल कॉलेज से लगभग सटी हुई है।
कॉलेज प्रबंधन के अनुसार यहां लगभग 200 छात्र-छात्राएं नियमित अध्ययनरत हैं, जो प्रतिदिन असहज और असुरक्षित माहौल का सामना कर रही हैं।
कॉलेज संचालक डॉ. ओम चौबे ने बताया कि पिछले वर्ष नारी सुरक्षा एवं नशा मुक्ति अभियान के दौरान आयोजित महिला जागरूकता सेमिनार में इस मुद्दे को पुलिस अधीक्षक शहडोल श्रीराम जी श्रीवास्तव के समक्ष भी उठाया गया था। उस समय आश्वासन दिया गया था कि आगामी सत्र में दुकान वहां संचालित नहीं होगी, लेकिन इस वर्ष फिर वही स्थिति बनी हुई है।
युवा कांग्रेस ने भी उठाया मुद्दा
उधर युवक कांग्रेस नगर अध्यक्ष आयुष्मान ताम्रकार द्वारा शराब की पैकारी, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री और खुलेआम नियम उल्लंघन का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। आरोप है कि वीडियो हटाने के लिए उन्हें कथित तौर पर घर पहुंचकर धमकी दी गई। इसकी रिपोर्ट थाना में दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गौरतलब है कि ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रीवा-शहडोल मार्ग पर संचालित शराब दुकानें माननीय Supreme Court of India के 15/12/2016 एवं 30/11/2017 के आदेशों की शर्तों के विपरीत बताई जा रही हैं। बावजूद इसके न तो स्थान परिवर्तन हुआ और न ही प्रशासनिक सख्ती दिखाई दी।


