अनूपपुर पुलिस की म्यूल Account के विरुद्ध अब तक कि सबसे बड़ी कार्रवाई

07 आरोपी गिरफ्तार — दुबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क
अनूपपुर पुलिस ने बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) के माध्यम से ऑनलाइन ठगी और अवैध लेन-देन करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 165 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 20 पासबुक, 05 चेकबुक, 18 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप एवं 01 राउटर जप्त किए गए हैं। मामले में एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना दुबई में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहा है।
पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा के मार्गदर्शन में थाना कोतमा पुलिस ने यह कार्रवाई की। 27 फरवरी 2026 को ग्राम पडोर निवासी दीपक केवट की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक व सिम कार्ड लेकर धोखाधड़ी करने की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान धारा 318(4), 3(5) एवं 111 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की गई।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके दस्तावेज अपने कब्जे में रख लेते थे और इन्हें मुंबई भेजा जाता था, जहां से इन्हें दुबई में बैठे सरगना तक पहुंचाया जाता था। वहां से इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी एवं अवैध ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता था तथा राशि की निकासी मुंबई में एटीएम के जरिए की जाती थी। गिरफ्तार आरोपी दीपक यादव उर्फ फिलिप के माध्यम से इस नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। मुख्य आरोपी हितेश नंदवानी उर्फ सिल्वर ओक्स सहित अन्य आरोपी वर्तमान में दुबई में फरार हैं, जिनके विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य बिंदु (Highlights):
07 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना दुबई में फरार
165 एटीएम कार्ड, 23 सिम, 18 मोबाइल सहित भारी मात्रा में सामग्री जप्त
मुंबई से आरोपी गिरफ्तार, अंतर्राज्यीय कनेक्शन उजागर
प्रतिदिन 10–12 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का खुलासा
बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतमा निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल के नेतृत्व में उप निरीक्षक अकबर खान, सउनि सुखीनंद यादव, प्रधान आरक्षक संजीव त्रिपाठी, रामखेलावन यादव, आरक्षक अभय त्रिपाठी, सुनील मिश्रा, महेश साहू एवं साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार, पंकज मिश्रा एवं राजेन्द्र केवट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


