जमुनी गांव में हाथी की दस्तक से मचा हड़कंप
अकेला घूमता दिखाई दिया जंगली हाथी, ग्रामीणों में दहशत का माहौल — फिलहाल किसी नुकसान की सूचना नहीं
विनय द्विवेदी ब्यौहारी। शहडोल जिले के ब्यौहारी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम जमुनी में सोमवार को उस समय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया, जब एक जंगली हाथी गांव के आसपास विचरण करता हुआ दिखाई दिया। हाथी को आबादी क्षेत्र के नजदीक अकेले घूमते देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते हाथी की मौजूदगी की खबर आसपास के क्षेत्रों में भी फैल गई और लोग सतर्क हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथी अकेला ही गांव के आसपास घूमता हुआ दिखाई दिया। हाथी की गतिविधियों को देखकर ग्रामीणों ने सुरक्षित दूरी बनाए रखी और उसे छेड़ने अथवा उसके नजदीक जाने से परहेज किया। गांव में हाथी के पहुंचने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों को आशंका है कि यदि हाथी जंगल की ओर वापस नहीं लौटा तो वह रात के समय खेतों और आबादी वाले हिस्सों की ओर भी पहुंच सकता है।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
जंगली हाथी की दस्तक से ग्रामीणों में खासकर उन लोगों की चिंता बढ़ गई है, जिनके खेत गांव के आसपास अथवा जंगल से लगे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी जैसे बड़े वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में पहुंचने पर किसी भी समय अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में वन विभाग को तत्काल हाथी की लोकेशन की निगरानी कर उसे सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए।
हालांकि राहत की बात यह है कि समाचार लिखे जाने तक हाथी द्वारा किसी व्यक्ति पर हमला करने अथवा किसी मकान, दुकान, फसल या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। इसके बावजूद हाथी की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों में भय का वातावरण बना हुआ है।
वन विभाग से निगरानी की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में वन अमले की निगरानी बढ़ाई जाए। हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि वह आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सके और ग्रामीणों को किसी प्रकार का खतरा न हो। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो रात के समय स्थिति गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि हाथी दिखाई देने पर उसके करीब जाने या भीड़ लगाने से बचें। हाथी को भगाने के लिए शोर मचाना, पत्थर फेंकना या किसी प्रकार से उसे उकसाना बेहद खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को हाथी की गतिविधियों वाले क्षेत्र से दूर रखने की जरूरत है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी जंगल से निकलकर गांव की ओर कैसे पहुंचा और वर्तमान में वह किस दिशा में गया है, इस पर वन विभाग को नजर रखनी चाहिए। ग्रामीणों ने किसी भी संभावित खतरे से पहले आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
फिलहाल जमुनी गांव में हाथी की दस्तक ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन हाथी के आबादी क्षेत्र के आसपास होने के कारण ग्रामीण एहतियात बरत रहे हैं।





