किसानों को समस्या हुई तो बर्दाश्त नहीं – कलेक्टर
खरीदी केन्द्र प्रभारियों को डीएम की दो टूक, लापरवाही पर लगाई फटकार
उमरिया | रिपोर्ट: फैज मोहम्मद
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य जारी है। जिले भर के खरीदी केन्द्रों पर किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन अधिकांश केन्द्रों पर अव्यवस्था, तौल में गड़बड़ी, सर्वर समस्या और अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। इन समस्याओं से किसान खासे परेशान हैं और उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आ रही शिकायतों के अनुसार कई खरीदी केन्द्रों पर किसानों से सुविधा शुल्क और चंदे के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिना पैसे दिए उनकी उपज की तौल तक नहीं हो रही। वहीं सर्वर की समस्या भी लगातार बनी हुई है, जिससे पंजीयन और तौल प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है।
इसी बीच उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने मानपुर क्षेत्र के नौगवां गेहूं खरीदी केन्द्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केन्द्र की व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई। खरीदी केन्द्र प्रभारी द्वारा दिए जा रहे जवाब और मौके पर दिखाई दे रही स्थिति में भारी अंतर देखने को मिला, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रभारी को जमकर फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वयं गेहूं की बोरी कांटे पर रखवाई, लेकिन तौल मशीन सही वजन बताने में असफल रही। कांटा बार-बार हिलता रहा और गेहूं का सही वजन नहीं बता पाया। इस लचर व्यवस्था को देखकर कलेक्टर ने मौजूद अधिकारियों की कड़ी क्लास ली और स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की समस्याओं को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर राखी सहाय ने खाद्य विभाग और खरीदी केन्द्र प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी हुई या शिकायतें मिलीं, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खरीदी केन्द्रों पर पारदर्शिता और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नौगवां खरीदी केन्द्र पर निरीक्षण के दौरान कई कमियां पाई गईं, जिन्हें तत्काल सुधारने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर स्वयं व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित करती नजर आईं। उनके इस सख्त रवैये से किसानों में उम्मीद जगी है कि अब खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था में सुधार होगा और उन्हें राहत मिलेगी।
लगातार गांवों और खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर रही कलेक्टर राखी सहाय की सक्रियता को जिले में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। किसानों का मानना है कि यदि इसी तरह प्रशासनिक निगरानी बनी रही, तो खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और किसानों को राहत मिलेगी।





