गवर्नमेंट कॉलेज, फरीदकोट में ऑल इंडिया मुशायरा ‘बज़्म-ए-शीर-ओ-तरब’ यादगार रहा,

-देश भगत पंडित चेतन देव गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन और ‘सुर-आंगन’ संस्था का मिला-जुला प्रयास—-
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): देश भगत पंडित चेतन देव गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन, फरीदकोट में प्रिंसिपल डॉ. राजेश मोहन की गाइडेंस में और म्यूज़िकल संस्था ‘सुर-आंगन’ के साथ मिलकर ऑल इंडिया मुशायरा ‘बज़्म-ए-शीर-ओ-तरब’ ऑर्गनाइज़ किया गया। इस लिटरेरी इवेंट में देश के अलग-अलग कोनों से आए पंजाबी, हिंदी और उर्दू के जाने-माने शायरों ने अपनी रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
म्यूज़िकल धुनों से हुई शुरुआत:
प्रोग्राम की शुरुआत सुर-आंगन के कलाकारों द्वारा ‘सुर-आंगन धुनी’ गाने से हुई। आर्टिस्ट हर्षवर्धन ने डॉ. राजेश मोहन की रचना ‘शायर कह कमाल दा नगमा बनालिया’ पेश करके खूब तालियां बटोरीं। इसके बाद किरणदीप ने सुरैया मुल्तानी की मशहूर रचना पेश की और टीम ने सुरजीत पातर की यादगार रचना ‘जगा दे मोमबत्तियां’ पेश कर माहौल को संगीतमय बना दिया।
मशहूर शायरों ने समां बांधा:
मुशायरे के दूसरे चरण में देश भर के शायरों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल हैं:-
मुंबई से: रुचि ड्रोलिया, चंडीगढ़ से: मुसव्वर फिरोजपुरी, बटाला से: सुरिंदर सिंह, श्री मुक्तसर साहिब से: श्री सतीश बेदाग, जालंधर से: श्री प्रमोद काफिर, फिरोजपुर से: हरमीत विद्यार्थी, फरीदकोट से: मंजीत पुरी और डॉ. राजेश मोहन। मुशायरे की अध्यक्षता मशहूर शायर विजय विवेक ने की। उनकी शायरी ने स्टूडेंट्स और साहित्य प्रेमियों का मनोरंजन किया। प्रिंसिपल डॉ. राजेश मोहन ने भी अपने पंजाबी और उर्दू कलाम पेश किए।
स्टूडेंट प्रेजेंटेशन और सम्मान:
मुशायरे से पहले कॉलेज के लैंग्वेज क्लब और म्यूजिक क्लब की तरफ से रंगारंग कल्चरल प्रोग्राम पेश किया गया। करीब चार घंटे चले इस प्रोग्राम ने इलाके के साहित्यिक हलकों में अपनी अमिट छाप छोड़ी। आखिर में सभी मेहमान कवियों को खास तौर पर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर सागर मलिक (पंजाबिस्तान), अरुणा रणदेव, सतीश रणदेव, गुरविंदर औलख समेत पूरा कॉलेज स्टाफ और बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स मौजूद थे। डॉ. राजेश मोहन और मंजीत पुरी ने मिलकर स्टेज का संचालन किया।
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