*कुएं से नल तक का सफर, तितिरा शुक्लान में बदलाव की कहानी*
*संजीव गुप्ता की रिपोर्ट सीधी रामपुर नौकिन*
दूर हुई पानी की परेशानी, अब हर घर में बह रहा नल का जल
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जिले के विकासखण्ड रामपुर नैकिन की ग्राम पंचायत तितिरा शुक्लान में जल जीवन मिशन ने ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई मिसाल पेश की है। जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में अब हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ी राहत आई है।
ग्राम में कुल 242 घरों को नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। सरपंच नरेन्द्र सिंह के अनुसार, जिन परिवारों ने अब तक कनेक्शन नहीं लिया है, उनके लिए पंचायत स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। लगभग 83.48 लाख रुपये की लागत से इस योजना के तहत 75 केएल क्षमता की ओवरहेड टंकी (OHT) का निर्माण किया गया है तथा लगभग 6000 मीटर लंबी वितरण पाइपलाइन बिछाकर हर घर तक नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

पूर्व में ग्रामीणों को पानी के लिए कुओं एवं दूरस्थ जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। घर से दूर स्थित इन स्रोतों से पानी लाने में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को अत्यधिक समय और श्रम लगता था। विशेषकर गर्भवती महिलाओं एवं वृद्धजनों के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। गर्मियों के दिनों में जल संकट और गहरा जाता था, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता था।
अब जल जीवन मिशन के प्रभाव से गांव में घर-घर तक स्वच्छ, पर्याप्त और नियमित जल आपूर्ति हो रही है। इससे महिलाओं को राहत मिली है और वे अपने समय का उपयोग परिवार के भरण-पोषण एवं बच्चों की देखभाल में कर पा रही हैं। बच्चे समय पर स्कूल जा रहे हैं और ग्रामीणों का जीवन स्तर स्पष्ट रूप से बेहतर हुआ है।
ग्राम के स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र एवं पंचायत भवन में भी नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं, जिससे बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है और स्वच्छता व्यवस्था में सुधार आया है।
ग्राम की निवासी सविता कोल बताती हैं, “पहले हमारे यहां पानी की बहुत समस्या थी। पानी लाने के लिए दूर जाना पड़ता था, जिससे घर और बच्चों को समय नहीं दे पाती थी। अब घर में नल लगने से पानी की समस्या पूरी तरह खत्म हो गई है।”
जल जीवन मिशन के माध्यम से तितिरा शुक्लान में न सिर्फ जल संकट का समाधान हुआ है, बल्कि ग्रामीणों का जीवन अधिक सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बना है। अब लोग अपने समय और ऊर्जा का उपयोग जीविकोपार्जन एवं अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रहे हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।


