शहीदों के सपनों को भूल गईं सरकारें,

-कॉरपोरेट के आगे नतमस्तक हुए शासक: AITUC
-फरीदकोट में क्रांतिकारी जोश के साथ मनाया गया शहीदी दिवस;
-केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ बरसे जन-संगठन—-
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): स्थानीय शहीद कामरेड अमोलक सिंह औलख भवन में आज AITUC से जुड़े विभिन्न संगठनों द्वारा शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का शहीदी दिवस बेहद श्रद्धा और क्रांतिकारी उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में विभिन्न वर्गों के नेताओं ने शहीदों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा परिसर ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘साम्राज्यवाद मुर्दाबाद’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा।
आजादी के दशकों बाद भी सपने अधूरे:
सभा को संबोधित करते हुए पंजाब पेंशनर्स यूनियन के नेता प्रेम चावला, सोम नाथ अरोड़ा और पावरकॉम पेंशनर्स यूनियन के चांद सिंह डोड ने कहा कि भगत सिंह और उनके साथियों ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था जहाँ शोषण की कोई जगह न हो। उन्होंने गहरा दुख जताते हुए कहा कि आजादी के दशकों बाद भी देश के शासक शहीदों के सपनों का भारत बनाने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं। आज की सरकारें आम जनता के हितों की रक्षा करने के बजाय साम्राज्यवाद और बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हितों को साधने में लगी हैं।
केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे प्रहार:
वक्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए जमकर निशाना साधा, नेताओं ने गंभीर आरोप लगाए कि सांप्रदायिक राजनीति: केंद्र सरकार धर्म के नाम पर लोगों को बांटकर अपनी सत्ता सुरक्षित कर रही है।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव: शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सेवाओं में आम जनता के साथ भेदभाव बढ़ता जा रहा है।
कॉर्पोरेट प्रेम: सरकार की नीतियां केवल बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुँचा रही हैं, जिससे आम आदमी की कमर टूट गई है।
नेताओं ने युवाओं का आह्वान किया कि वे शहीदों के पदचिन्हों पर चलते हुए इन दमनकारी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष का रास्ता अपनाएं।
इन प्रमुख नेताओं ने दी उपस्थिति:
इस अवसर पर गोरा पिपली (नरेगा मज़दूर यूनियन), इकबाल सिंह धुड़ी, बलकार सिंह सहोता (क्लास फोर कर्मचारी), चरणजीत सिंह चमेली, सुखजिंदर सिंह तुम्बडभान (कुल हिंद किसान सभा), कामरेड जगतार सिंह भाना, बोहड सिंह औलख और रेशम सिंह जटाना सहित बड़ी संख्या में पेंशनर, किसान और मजदूर नेता मौजूद रहे।
न्यूज़: 24-2
फोटो: शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए और नारेबाजी करते हुए नेताओं की फोटो।


