साप्ताहिक बाजार में आवारा मवेशियों का आतंक, हादसों का बढ़ा खतरा
नगर परिषद नौरोजाबाद की लापरवाही से जनता परेशान
उमरिया/नौरोजाबाद | रिपोर्ट: फैज मोहम्मद, पत्रकार
उमरिया जिले के नौरोजाबाद नगर परिषद क्षेत्र में लगने वाला साप्ताहिक बाजार इन दिनों आवारा मवेशियों के आतंक से जूझ रहा है। बाजार परिसर और मुख्य मार्गों पर सांडों एवं गायों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे आम नागरिकों, दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई बार बाजार में भगदड़ जैसे हालात बन चुके हैं, लेकिन नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ देखकर भी अनजान बने हुए हैं।
साप्ताहिक बाजार में हर सप्ताह बड़ी संख्या में ग्रामीण और शहरी लोग खरीदारी करने पहुंचते हैं। भीड़भाड़ के बीच अचानक आवारा मवेशियों के आपस में भिड़ जाने से लोगों में दहशत फैल जाती है। कई बार सांड तेजी से दौड़ पड़ते हैं, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग जान बचाकर भागने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मवेशी दुकानों में घुसकर सब्जियां, फल और अन्य सामान खराब कर देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

बाजार क्षेत्र में लगाए जाने वाले तंबुओं और दुकानों की रस्सियों में फंसकर बाइक चालकों के गिरने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। व्यापारियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, आवारा मवेशियों के कारण कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद द्वारा कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बाद भी प्रशासन केवल आश्वासन देता है, कार्रवाई नहीं करता।
आवारा मवेशियों के जमावड़े से बाजार में गंदगी फैल रही है और यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। बाजार के मुख्य प्रवेश मार्गों पर मवेशियों के बैठ जाने से घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। लोगों को बाजार में निकलने तक में डर महसूस होने लगा है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बन गई है।
स्थानीय व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वे नगर परिषद को नियमित शुल्क देते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सुरक्षित वातावरण तक नहीं मिल पा रहा। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द ही आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला नहीं भेजा गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
क्षेत्रवासियों ने नगर परिषद नौरोजाबाद और जिला प्रशासन से मांग की है कि साप्ताहिक बाजार के दिनों में विशेष टीम तैनात की जाए, बाजार परिसर को आवारा मवेशियों से मुक्त कराया जाए तथा स्थायी समाधान के लिए प्रभावी अभियान चलाया जाए, ताकि लोग बिना भय के बाजार में खरीदारी कर सकें।





