‘आप’ नेता अमित जैन जुगनू का केंद्र पर तीखा हमला: ‘महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर बीजेपी सरकार पूरी तरह फेल’,

-‘अच्छे दिन’ का वादा करने वाली सरकार प्रोपेगैंडा छोड़कर युवाओं को रोजगार और किसानों को फसलों का सही दाम दे: जुगनू
-कमजोर विदेश नीति और पड़ोसी देशों से बढ़ते तनाव पर भी आम आदमी पार्टी ने उठाए गंभीर सवाल…
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता अमित जैन जुगनू ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को हल करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
रसोई का बजट बिगड़ा, आम आदमी की पहुंच से दूर हुईं बेसिक चीजें
प्रेस को जारी एक कड़े बयान में ‘आप’ नेता अमित जैन जुगनू ने कहा कि आज देश में रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, खाने का तेल, दालें, सब्जियां और बच्चों की पढ़ाई जैसी बेहद जरूरी चीजें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने जनता से ‘अच्छे दिन’ लाने का बड़ा वादा किया था, लेकिन आज हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। लगातार बढ़ती महंगाई के बोझ तले देश का मिडिल क्लास और गरीब तबका पूरी तरह दब चुका है, उनका घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
“सरकार प्रोपेगैंडा में बिजी, युवा और किसान परेशान”:
जुगनू ने केंद्र की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार लोगों की बुनियादी समस्याओं को हल करने के बजाय सिर्फ प्रोपेगैंडा और एडवर्टाइजमेंट (विज्ञापनों) में व्यस्त है। देश का हर तबका आज परेशान है:-
युवा वर्ग: देश के पढ़े-लिखे युवा रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
किसान वर्ग: अन्नदाता अपनी फसलों के सही दाम (एमएसपी) को लेकर सड़कों पर और मानसिक रूप से परेशान हैं।
व्यापारी वर्ग: छोटे और मध्यम व्यापारी लगातार आर्थिक मंदी की मार झेल रहे हैं।
केंद्र सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल
अमित जैन जुगनू ने घरेलू मुद्दों के साथ-साथ केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के मंच पर बड़े-बड़े दावे करने वाली इस सरकार की रणनीतियों में स्पष्टता (क्लैरिटी) की भारी कमी है।
उन्होंने आगे कहा कि पड़ोसी देशों के साथ लगातार बढ़ते तनाव और विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों ने सरकार की विदेश नीति पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। विदेश नीति का असली मकसद देश का सम्मान बढ़ाना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना होना चाहिए, न कि सिर्फ अपनी राजनीतिक छवि चमकाना।
‘आप’ ने की टैक्स और कीमतें कम करने की मांग
आम आदमी पार्टी के नेता ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह राजनीतिक नफे-नुकसान और चुनावी फायदों से ऊपर उठकर तुरंत जनता को राहत दे। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाईं:
पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले भारी टैक्स में तुरंत कटौती की जाए।
रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों को कम करके आम गृहिणियों को राहत दी जाए।
जरूरी चीजों की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ देशव्यापी सख्त कार्रवाई हो।
जनता लोकतांत्रिक तरीके से देगी मुंहतोड़ जवाब: जुगनू
सरकार को दो टूक चेतावनी देते हुए ‘आप’ नेता ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है, वह राजा नहीं है। अगर केंद्र सरकार ने समय रहते महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असुरक्षा जैसे जमीनी मुद्दों पर ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो देश की जनता आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से इस तानाशाही और विफलता का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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फोटो: आम आदमी पार्टी के सीनियर लीडर अमित जैन जुगनू।





