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फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा विवाद: कांग्रेस का भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला, फरीदकोट में BFUHS के बाहर विशाल प्रदर्शन…

Alexander D’Souza
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फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा विवाद: कांग्रेस का भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला, फरीदकोट में BFUHS के बाहर विशाल प्रदर्शन… 


फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूजा): बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) द्वारा आयोजित फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में सामने आए हाई-टेक नकल और पेपर लीक मामले ने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। नीट (NEET) पेपर लीक मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने वाली आम आदमी पार्टी अब पंजाब में खुद विपक्षी दलों के सीधे निशाने पर आ गई है।
कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे और इस विवादित परीक्षा को रद्द करने की मांग की है। इसी कड़ी में फरीदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के बाहर कांग्रेस ने एक विशाल और उग्र विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं और स्थानीय युवाओं ने हिस्सा लिया।
सड़क से संसद तक लड़ेंगे युवाओं की लड़ाई:
कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह (किक्की) ढिल्लों, अजयपाल संधू, गुरजीत राणा और रविंदर अमला समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जो आम आदमी पार्टी दिल्ली में बैठकर नैतिकता और पारदर्शिता की बातें करती थी, वही आज पंजाब में हजारों मेहनती और योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस का इस्तीफा नहीं होता और यह परीक्षा रद्द करके नए सिरे से आयोजित नहीं की जाती, तब तक कांग्रेस का यह संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्व विधायक किक्की ढिल्लों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं के साथ हुए इस धोखे के खिलाफ लड़ाई को आर-पार के स्तर पर लड़ा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मान सरकार शब्दों की हेराफेरी करके पेपर लीक को सिर्फ ‘नकल’ की मामूली घटना बता रही है ताकि अपने चहेते अधिकारियों और दोषियों को बचाया जा सके। नेताओं का दावा है कि राज्य में संस्थागत पारदर्शिता खत्म हो चुकी है और लाखों रुपये में पेपर बेचने वाले गिरोह सरकार की नाक के नीचे बेखौफ काम कर रहे हैं।
पेन कैमरा, ब्लूटूथ और लाखों का सौदा: क्या है पूरा मामला?
19 जुलाई को आयोजित फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा के दौरान एक बेहद संगठित और हाई-टेक धांधली का खुलासा हुआ था:
पेन कैमरा और ब्लूटूथ का इस्तेमाल: परीक्षा शुरू होते ही एक अभ्यर्थी ने पेन कैमरे से प्रश्न पत्र की तस्वीरें खींचकर बाहर मौजूद गिरोह को भेजीं। इसके बाद ब्लूटूथ, वायरलेस इयरफोन और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर बोलकर लिखवाए गए।
3 से 13 लाख रुपये में डील: पुलिस जांच के अनुसार, इस अंतरराज्यीय गिरोह ने नकल कराने के एवज में प्रति अभ्यर्थी 3 लाख से 13 लाख रुपये तक वसूले थे।
37 से ज्यादा गिरफ्तारियां: पुलिस और फ्लाइंग स्क्वाड ने अब तक पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से अभ्यर्थियों तथा गिरोह के सरगनाओं समेत 37 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
‘पेपर लीक’ बनाम ‘नकल’: गर्माई सियासत
इस घटना के बाद पंजाब का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। एक तरफ जहां कांग्रेस और छात्र संगठन इसे आला अधिकारियों की साठगांठ से हुआ “सीधा पेपर लीक” करार दे रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी का दावा है कि यह पेपर लीक का मामला नहीं है। सरकार के अनुसार, यह परीक्षा केंद्र के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करने की एक कोशिश थी, जिसे मुस्तैदी से मौके पर ही पकड़ लिया गया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है।
न्यूज़: 29-1,
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