कर्मचारी और पेंशनर विरोधी नीतियों के खिलाफ फूटा गुस्सा; फरीदकोट में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के घर का ज़ोरदार घेराव,
-एमएलए गुरदीत सिंह सेखों को धरने पर बैठने के लिए किया मजबूर, पूछे तीखे सवाल,

-चुनावों में सबक सिखाने की दी चेतावनी; 17 जुलाई को चंडीगढ़ में होगी ‘महा रैली’…
फरीदकोट, 11 जुलाई (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): पंजाब सरकार द्वारा माननीय हाई कोर्ट में पेश की गई कर्मचारी विरोधी रिपोर्ट पर साइन करने के विरोध में आज कर्मचारियों और पेंशनर्स का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी, जॉइंट एम्प्लॉई फोरम पंजाब और पंजाब एम्प्लॉई और पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के आह्वान पर आज फरीदकोट जिले के सैकड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स ने पंजाब की सोशल वेलफेयर मिनिस्टर और कैबिनेट सब-कमेटी मेंबर डॉ. बलजीत कौर के लोकल रॉयल सिटी स्थित निवास के पास एक विशाल रोष रैली की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने डॉ. बलजीत कौर और भगवंत मान सरकार के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाजी की।
अपने ही वर्ग की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप:
रैली को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता गुरनाम सिंह विर्क (चीफ कन्वीनर सांझा मुलाजम मंच और स्टेट प्रेसिडेंट PSMSU), बिक्रमजीत सिंह ढिल्लों (जिला प्रेसिडेंट मिनिस्टीरियल स्टाफ) और जतिंदर कुमार (स्टेट जॉइंट सेक्रेटरी PSSF) ने कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर पर तीखा हमला बोला।
नेताओं ने कहा कि हाई कोर्ट में कर्मचारी विरोधी रिपोर्ट पर साइन करते समय मंत्री सत्ता के नशे में यह भी भूल गईं कि वह खुद पंजाब हेल्थ डिपार्टमेंट में सरकारी डॉक्टर के तौर पर सेवा दे चुकी हैं और आज खुद पंजाब सरकार से पेंशन ले रही हैं। उन्होंने अपने ही वर्ग की पीठ में छुरा घोंपा है।
नेताओं ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस बड़ी गलती का खामियाजा आम आदमी पार्टी को आने वाले विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
“मान सरकार पिछली सरकारों से भी ज्यादा नाकाबिल साबित हुई”
प्रवक्ताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में इस सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों के प्रति बेहद अड़ियल और नकारात्मक रवैया अपनाया है। यह पंजाब के इतिहास की पहली ऐसी सरकार है, जिसने अपने कर्मचारियों को डीए (DA) देने के बजाय, हाई कोर्ट में महंगे प्राइवेट वकील खड़े करके डीए को सेंट्रल पैटर्न से डी-लिंक करने की शर्मनाक कोशिश की है।
कर्मचारियों और पेंशनर्स की मुख्य मांगें:
कर्मचारी मोर्चे ने सरकार के सामने अपनी निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
पेंडिंग डीए (DA): 18 परसेंट की दर से बकाया डीए की 6 किश्तें तुरंत जारी की जाएं।
पेंशनर्स कोफिशिएंट: पेंशनर्स के लिए 2.59 का कोएफिशिएंट तुरंत लागू किया जाए।
पुरानी पेंशन योजना: पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) को बिना किसी शर्त के पूरी तरह बहाल और ठीक किया जाए।
कच्चे कर्मचारी: सभी कच्चे और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पूरी सैलरी और अलाउंस देकर तुरंत रेगुलर किया जाए।
मानदेय वर्कर: आशा वर्कर्स, मिड-डे मील और आंगनवाड़ी वर्कर्स/हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी मानकर पूरी सैलरी दी जाए।
पत्र निरस्तीकरण: 15 जनवरी 2015 और 17 जुलाई 2020 के कर्मचारी विरोधी पत्र (Letters) तुरंत कैंसिल किए जाएं।
17 जुलाई को चंडीगढ़ में होगी ‘महा रैली’:
नेताओं ने ऐलान किया कि 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों पर लागू किए गए केंद्र के 7वें पे कमीशन के काले कानून के खिलाफ 17 जुलाई 2026 को अनाज मंडी, सेक्टर 39, चंडीगढ़ में एक विशाल राज्य स्तरीय ‘महा रैली’ की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी के सभी उम्मीदवारों का गांव-गांव में कड़ा विरोध किया जाएगा।
एमएलए सेखों का घेराव, धरने पर बैठने को किया मजबूर:
मंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर मुख्यमंत्री के नाम चेतावनी पत्र (मांग पत्र) लेने आए फरीदकोट के एमएलए गुरदित्त सिंह सेखों को कर्मचारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उग्र कर्मचारियों ने उन्हें भी अपने साथ धरने पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया और उनसे तीखे सवाल पूछे।
हालात को संभालते हुए एमएलए सेखों ने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि वह इस मांग पत्र को पूरी सिफारिशों के साथ मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। उन्होंने भरोसा दिया कि जल्द ही सरकार कर्मचारी नेताओं के साथ एक पैनल मीटिंग करके सभी मुद्दों का सकारात्मक समाधान निकालेगी।
रैली में मौजूद प्रमुख नेता:
इस मौके पर सुखविंदर सिंह सुखी, इंदरजीत सिंह खीवा, हरप्रीत सिंह सरां (TSU), बलकार सिंह सहोता, सुखमंदर सिंह गिल (PRTC), कुलवंत सिंह चानी, सरबजीत कौर मचाकी, चांद सिंह डोड, अमरीक सिंह संधू, हरजिंदर सिंह धालीवाल (रिटायर्ड DSP), गगन पाहवा, सिमरजीत सिंह बराड़, वीर इंदरजीत सिंह पुरी, प्रिंसिपल कृष्ण लाल बकुलिया, जसवंत कौर, इकबाल सिंह धूड़ी, सोमनाथ अरोड़ा और अजीत सिंह खालसा के साथ बड़ी संख्या में एटीटी (ATT), आशा वर्कर, कर्मचारी और पेंशनर मौजूद रहे।
न्यूज: 11-4
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