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सीधी जिले में 24 अक्टूबर को होगी उल्लास-नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा

NEWS DESK
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सीधी जिले में 24 अक्टूबर को होगी उल्लास-नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा

50 हजार से अधिक नवसाक्षरों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य, जिला जेल के 32 बंदी भी देंगे परीक्षा

सीधी – जिले में उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा 24 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। परीक्षा जिले के सभी शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में होगी। इसके लिए जिले में 50 हजार से अधिक नवसाक्षरों को परीक्षा में सम्मिलित कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को तीन घंटे की अवधि में अपनी सुविधानुसार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।

जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों के अनुरूप 15 वर्ष से अधिक आयु के असाक्षरों को साक्षर बनाने के उद्देश्य से उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ‘जन-जन साक्षर’ के संकल्प को साकार करना है। यह कार्यक्रम 1 अप्रैल 2022 से संचालित है। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिले में 67,011 असाक्षर चिह्नित हैं, जिन्हें वर्ष 2027 तक साक्षर बनाने का लक्ष्य है।

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इन नवसाक्षरों को मिलेगा परीक्षा में शामिल होने का अवसर

राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के निर्देशानुसार आयोजित परीक्षा में एनआईएलपी एप के माध्यम से ऑनलाइन सर्वे में चिह्नित तथा ‘उल्लास अक्षर पोथी प्रवेशिका’ से अध्ययन कर चुके नवसाक्षर शामिल होंगे। साक्षरता मिशन की कक्षाओं में प्रवेशिका पूर्ण कर अंतरिम मूल्यांकन में सफल, लेकिन प्रमाणित नहीं हो सके शिक्षार्थी भी परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा पूर्व में शिक्षा प्राप्त कर चुके ऐसे व्यक्ति, जिनके पास साक्षरता का कोई प्रमाणपत्र नहीं है, उन्हें भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

‘इच वन, टीच वन’ से साक्षरता को बढ़ावा

असाक्षरों को पढ़ाने के लिए ‘इच वन, टीच वन’ का सिद्धांत अपनाया गया है। इसके अंतर्गत डाइट के छात्राध्यापकों एवं विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपने घर और आसपास की बस्तियों में असाक्षरों को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भी साक्षरता परियोजना से जोड़ा गया है। वे अपने परिवार एवं परिवेश के असाक्षर व्यक्तियों को पढ़ाकर उन्हें परीक्षा में सम्मिलित कराएंगे।

आजीविका मिशन की दीदियां भी देंगी परीक्षा

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राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन सीधी के ‘अक्षरा-शिक्षा से बदलाव’ कार्यक्रम के अंतर्गत साक्षरता कक्षाओं में अध्ययनरत असाक्षर दीदियों को भी परीक्षा में शामिल कराया जाएगा। परीक्षा के संचालन, पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन में विद्यालयों के शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, आशा कार्यकर्ता, आजीविका मिशन की दीदियां और अक्षर साथी सहयोग करेंगे। सभी परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्र-सह-उत्तर पुस्तिकाएं तथा प्रत्येक परीक्षार्थी के लिए पेन उपलब्ध करा दिए गए हैं।

जिला जेल के 32 बंदी भी होंगे शामिल

जिला जेल सीधी में नियमित रूप से साक्षरता कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। यहां से 32 बंदी मूल्यांकन परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इनके लिए जेल परिसर के भीतर ही परीक्षा केंद्र बनाया गया है, ताकि बंदियों को भी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सके।

33 प्रतिशत से कम अंक पर मिलेगा सुधार का अवसर

परीक्षा के लिए सभी शाला प्रभारियों को केंद्राध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। मूल्यांकन में पढ़ने, लिखने एवं बुनियादी संख्यात्मकता में 33 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले नवसाक्षरों को ‘नीड टू इम्प्रूवमेंट’ श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे शिक्षार्थियों को आगे बेहतर तैयारी कर आगामी परीक्षाओं में पुनः शामिल होने का अवसर ।

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