भोपाल छात्रावास विवाद: सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर उग्र प्रदर्शन, डिप्टी कमिश्नर व कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
भोपाल | 07 अप्रैल 2026

राजधानी के पंचशील नगर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा और अन्य समस्याओं को लेकर SFI सहित विभिन्न छात्र संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्र प्रतिनिधियों को छात्रावास में प्रवेश से रोके जाने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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🔴 सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे संगठनों — SFI, आजक्स (SSYSU) व अन्य — का आरोप है कि छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है।
संगठनों के अनुसार, बाहरी लोगों द्वारा खिड़कियों के कांच तोड़ने जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्राओं में भय का माहौल बना हुआ है।
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⚠️ आंदोलन के दिन छात्राओं को रोके जाने का आरोप
संगठनों का कहना है कि सामान्य दिनों में छात्राओं को कॉलेज जाने से नहीं रोका जाता, लेकिन प्रदर्शन वाले दिन छात्रावास प्रबंधन द्वारा गेट पर ताले लगा दिए गए, ताकि छात्राएं बाहर न आ सकें और आंदोलन में शामिल न हो पाएं।
इसके अलावा, छात्राओं को आपस में बैठक, परिचर्चा और अपनी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने से भी रोके जाने के आरोप लगाए गए हैं।
और इसके अलावा छात्रावासों में पोस्ट ग्रेजुएशन छात्र- छात्राओं एडमिशन बंद कर दिए गए है ।
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📄 डिप्टी कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर पी.के. पांडेय को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों और विभागों को भी भेजी गई।
इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल भोपाल स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहां कलेक्टर महोदय से चर्चा कर उन्हें ज्ञापन प्रस्तुत किया गया और छात्रावास की समस्याओं से अवगत कराया गया।
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📌 प्रमुख मांगें
छात्र संगठनों ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित मांगें रखीं:
• वार्डन की तत्काल बर्खास्तगी: छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों के चलते वार्डन को पद से हटाया जाए।
• तानाशाही पर रोक: छात्राओं को बैठक, परिचर्चा, सामूहिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की स्वतंत्रता दी जाए।
• सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए: परिसर में पर्याप्त लाइट, CCTV कैमरे लगाए जाएं और महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए।
• बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित हों: स्वच्छ पेयजल, नियमित बिजली आपूर्ति तथा साफ बिस्तर और कंबलों की व्यवस्था की जाए।
• स्वास्थ्य एवं स्वच्छता: मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी सुविधाएं और 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाए।
• भोजन की गुणवत्ता में सुधार: पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।
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प्रदर्शन में SFI प्रतिनिधि मंडल के दीपक पासवान, लक्ष्य भारतीय, सोनू नौनेरिया, अमन चौहान , लवकुश,आनंद जाटव सहित अन्य छात्र प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे और आंदोलन को समर्थन दिया।
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⚡ बड़े आंदोलन की चेतावनी
छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापक स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होंगी ।
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