कटनी–बरगवां मेमू ट्रेन में लगे जाले, रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था पर उठे सवाल
स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच ट्रेन के अंदर गंदगी का नजारा,
यात्रियों की सुविधाओं और साफ-सफाई पर ध्यान देने की जरूरत
विनय द्विवेदी ब्यौहारी। स्वच्छता को लेकर किए जा रहे प्रयासों के बीच कटनी से बरगवां के बीच चलने वाली मेमू ट्रेन में साफ-सफाई की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। ट्रेन के अंदर लगे जाले रेलवे की स्वच्छता व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यात्रियों के आवागमन के लिए प्रतिदिन उपयोग में आने वाली इस ट्रेन में जालों का दिखाई देना साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था पर ध्यान देने की आवश्यकता को दर्शाता है।
रेलवे द्वारा यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण देना भी जरूरी है। ट्रेन के डिब्बों में यदि नियमित सफाई नहीं होती है, तो यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। कटनी–बरगवां मेमू ट्रेन में लगे जाले इस बात की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं कि रेल डिब्बों की सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी कितनी जरूरी है।
स्वच्छ भारत मिशन के संदेश और जमीनी स्थिति के बीच सवाल
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के साधनों में भी स्वच्छता बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ट्रेन में जाले दिखाई देना संबंधित रेलवे अधिकारियों के लिए सफाई व्यवस्था की समीक्षा करने का विषय है।
अब सवाल यह है कि यात्रियों की सुविधा के लिए चलने वाली इस ट्रेन की नियमित सफाई पर जिम्मेदार अधिकारियों का कितना ध्यान है? क्या ट्रेन के डिब्बों की साफ-सफाई की नियमित जांच की जाती है? यात्रियों को स्वच्छ वातावरण में सफर उपलब्ध कराने के लिए रेलवे प्रशासन को इन सवालों पर ध्यान देने की जरूरत है।
यात्रियों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस स्थिति का संज्ञान लेकर ट्रेन के डिब्बों की समुचित सफाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि रेल यात्रा अधिक स्वच्छ और सुविधाजनक बन सके।





