लीगल डिफेंस सिस्टम पॉलिसी के खिलाफ वकीलों का हल्लाबोल; अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू…

फरीदकोट, 7 जुलाई (अलेक्जेंडर डिसूजा):
पंजाब बार एसोसिएशन की जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) के आह्वान पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन फरीदकोट के वकीलों ने आज से अपने काम पूरी तरह से ठप कर दिए हैं। मौजूदा ‘लीगल डिफेंस काउंसिल सिस्टम’ (LADC) पॉलिसी के खिलाफ वकीलों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए इस हड़ताल को अनिश्चित काल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है।
वकीलों का आरोप है कि इस नई नीति से वकीलों, विशेषकर युवा एडवोकेट्स के रोजगार के अवसर पूरी तरह छिन रहे हैं।
क्या है पूरा मामला? क्यों नाराज हैं वकील ?
प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट गुरजगपाल सिंह बराड़ और सेक्रेटरी सिमर विजय सिंह वर्मा ने वकीलों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लीगल एड (मुफ़्त कानूनी मदद) के जो मामले पहले पैनल एडवोकेट्स को मिलते थे, वे अब इस नई नीति (LADC) के तहत चुनिंदा लोगों को दिए जा रहे हैं। इससे राज्य भर के वकीलों के लिए समान प्रोफेशनल मौके खत्म हो रहे हैं।
“हमारा आंदोलन ज़रूरतमंदों को मुफ़्त कानूनी मदद देने के ख़िलाफ़ नहीं है। हम चाहते हैं कि हर नागरिक को कानूनी सहायता मिले, लेकिन यह पॉलिसी पारदर्शी और बिना किसी भेदभाव के होनी चाहिए। इसे पहले की तरह डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के माध्यम से ही लागू किया जाना चाहिए”: गुरजगपाल सिंह बराड़ (प्रेसिडेंट, बार एसोसिएशन)।
वकीलों की 3 मुख्य मांगें:
वकील एसोसिएशन ने साफ किया है कि जब तक उनकी निम्नलिखित मांगों को पूरा नहीं किया जाता, हड़ताल जारी रहेगी:
पुराने पैनल सिस्टम की बहाली: मौजूदा LADC सिस्टम को तुरंत वापस लिया जाए और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के जरिए पुराना पैनल सिस्टम दोबारा लागू हो।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट और सुरक्षा: वकीलों की सुरक्षा के लिए ‘एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट’ तुरंत लागू किया जाए और सभी वकीलों के लिए एक व्यापक ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम शुरू की जाए।
चुनाव प्रोग्राम का रिव्यू: बार काउंसिल ऑफ पंजाब एंड हरियाणा द्वारा जारी किए गए चुनाव प्रोग्राम के रिव्यू को वापस लिया जाए, क्योंकि यह ‘बार एसोसिएशन इलेक्शन रूल्स 2015’ के नियमों के खिलाफ है।
प्रदर्शन में सीनियर वकीलों सहित भारी संख्या में एकजुटता;
इस विरोध प्रदर्शन में बार एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव टीम और शहर के कई नामी वकीलों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वकीलों ने अपने प्रोफेशनल हितों, आजादी और सम्मान की रक्षा के लिए इस संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख वकील:
एग्जीक्यूटिव टीम: एडवोकेट विपिन तायल, हरदम सिंह, रेखा रानी।
सीनियर एडवोकेट्स: प्रसोतम चौधरी, रजनीश गर्ग, अनिल चावला, करमजीत सिंह धालीवाल, प्रितपाल सुखीजा, जतिंदर खोसा, हरजीत सिंह बराड़, शिवकरतार सिंह सेखों, सुखविंदर सिंह धूड़ी, पीयूष जैन, उपिंदर शर्मा, अशोक गर्ग और जोगिंदर सिंह बराड़।
अन्य सदस्य: परमदीप सचदेवा, मैडम हरलीन कौर, संजीव देवड़ा, कृष्ण कुमार गुप्ता, नवजोत सिंह वैहनीवाल, गुरप्रीत सिंह चौहान, महीप सेखों, सरनाम सिंह संधू, गुरताज संधू, अजीतपाल सिंह भंगर, आसू मित्तल, गगनदीप सिंह, अकालजोत सिंह बराड़, हरीश गुप्ता, मुख्तियार सिंह संधू, निर्मल औलाख, बलौर सिंह सरां, सतिंदरपाल सिंह लाडी संधू, मनप्रीत सिंह कंग, जतिंदर बंसल, कुलदीप सिंह मित्तल, लखवीर गिल, रिची बराड़, विकास टंडन, अवतार कृष्ण बवेरवाल, शिवम ठाकुर, गुरतेज सिंह, किरणदीप शर्मा, सैमुअल मसीह, राज बहादुर सिंह, रछपाल सिंह, राजू अनेजा, जसकीरत सिंह, अर्श सहगल।
महिला वकील एवं अन्य: मैडम जीवनजोत कौर, मौजू वाट्स, अमनप्रीत कौर, सुखवीर कौर, अविनाश कौर, रितिका मित्तल, मनजीत कौर, वर्षा, नीरिंदर सिंह और सूर्यकांत ठाकुर समेत भारी संख्या में महिला व पुरुष एडवोकेट मौजूद रहे।
न्यूज़: 7-4
फोटो संलग्न: प्रदर्शन करते वकीलों की तस्वीर।





