7 साल पुराना घर विवाद खत्म: लोक अदालत में हुआ ऐतिहासिक समझौता, पड़ोसियों की दुश्मनी बनी दोस्ती
अनूपपुर, 14 मार्च 2026।
सात वर्षों से चले आ रहे एक जटिल और तनावपूर्ण संपत्ति विवाद का आखिरकार सुखद अंत हो गया। कोतमा तहसील के जमुना क्षेत्र में दो पड़ोसी राठौर परिवारों के बीच घर के मालिकाना हक को लेकर शुरू हुआ विवाद लोक अदालत में आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। लंबे समय से चल रही इस कानूनी लड़ाई ने दोनों परिवारों को मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान कर रखा था।
2019 में शुरू हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में दोनों पड़ोसी परिवारों ने एक ही मकान पर अपना-अपना दावा किया था। इसी को लेकर विवाद बढ़ता गया और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। इस दौरान कई बार दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और लाठी-डंडों से मारपीट की घटनाएं भी सामने आईं, जिससे पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
वर्षों तक चलता रहा कोर्ट का चक्कर
करीब सात सालों तक यह मामला अदालत में लंबित रहा। इस दौरान दर्जनों सुनवाई हुईं, लेकिन विवाद का कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। लगातार कोर्ट के चक्कर और आपसी तनाव से दोनों परिवारों की स्थिति कठिन होती चली गई।
लोक अदालत में मिली स्थायी राहत
लोक अदालत में न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा के मार्गदर्शन और प्रयासों से दोनों पक्षों को शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रेरित किया गया। विस्तृत चर्चा और समझाइश के बाद आखिरकार दोनों परिवार आपसी सहमति से समझौते के लिए तैयार हो गए और विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया।
“अब हम पड़ोसी की तरह शांति से रहेंगे”
समझौते के बाद दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सात वर्षों की इस लड़ाई ने उनकी जिंदगी को काफी प्रभावित किया था। उन्होंने कहा, “इतने वर्षों से चला आ रहा विवाद खत्म होने से हमें मानसिक शांति मिली है। अब हम आपसी सौहार्द और पड़ोसी की तरह रहेंगे।”
लोक अदालत: त्वरित और सस्ता न्याय का माध्यम
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि लोक अदालत छोटे और बड़े विवादों के समाधान के लिए एक प्रभावी, त्वरित और कम खर्चीला माध्यम है। यहां आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलती है।


