“रूपाली सिंघई का संदेश: ‘रक्तदान = जीवनदान’, थैलेसीमिया और सिकलसेल से जूझ रहे बच्चों के लिए जागरूकता अभियान”
शहडोल 5 अप्रैल 2026 – पत्रकार विनय मेहरा की रिपोर्ट (8349627682)
समाजसेविका रूपाली सिंघई ने अपने नवीनतम जागरूकता अभियान के तहत गाड़ी पर संदेश लिखकर लोगों को रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक करना शुरू किया है। उनका उद्देश्य थैलेसीमिया और सिकलसेल जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के लिए नियमित रक्तदान को बढ़ावा देना है।
रूपाली ने अपनी गाड़ी पर बड़े अक्षरों में संदेश लिखा है:“रक्तदान = जीवनदान”, “रोको थैलेसीमिया”, “रोको सिकलसेल”।उनका कहना है कि इन रोगों से प्रभावित बच्चों को हर कुछ दिनों में रक्त की आवश्यकता होती है, और एक यूनिट रक्त किसी के लिए पूरी जिंदगी बचा सकता है।
रूपाली ने कहा, “हम सब मिलकर बच्चों के लिए उनकी ताकत बन सकते हैं। किसी की जान बचाना सबसे बड़ा धर्म है। हमें नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए और शादी से पहले जांच करवाई जानी चाहिए।”
सामाजिक महत्व:
विशेषज्ञों के अनुसार, थैलेसीमिया और सिकलसेल के मरीजों के लिए रक्त की नियमित उपलब्धता जीवन और मृत्यु के बीच फर्क कर सकती है। ऐसे अभियान समाज में जागरूकता बढ़ाने और रक्तदान को सामान्य आदत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रूपाली का अभियान केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बन रहा है। उनका आह्वान है कि हर नागरिक मिलकर संकल्प ले: “रक्तदान करेंगे, जीवन बचाएंगे।”


