वोटर लिस्ट में सुधार: फरीदकोट ज़िले में घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फ़ॉर्म बांटने का काम शुरू; पंजाब सरकार का बड़ा फ़ैसला,

-बिना ज़रूरी दस्तावेज़ वाले वोटरों के लिए 30 सितंबर तक सेवा केंद्रों में सरकारी फ़ीस माफ़…
फरीदकोट, 4 जुलाई (अलेक्जेंडर डी’सूज़ा):
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा पंजाब के लिए जारी ‘विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण’ (SIR) शेड्यूल के अनुसार, फरीदकोट ज़िले में 25 जून, 2026 से जानकारी जुटाने का चरण (एन्यूमरेशन फ़ेज़) शुरू हो चुका है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए फरीदकोट के डिप्टी कमिश्नर-सह-ज़िला निर्वाचन अधिकारी श्री राहुल चाबा (IAS) ने बताया कि इस चरण के तहत बूथ लेवल ऑफ़िसर्स (BLOs) द्वारा घर-घर जाकर जानकारी जुटाने वाले फ़ॉर्म (एन्यूमरेशन फ़ॉर्म) बांटे और जमा किए जा रहे हैं।
फ़ॉर्म जमा न करने वालों को जारी होंगे नोटिस
ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जो वोटर इस चरण के दौरान अपना फ़ॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनके नाम ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे।
नोटिस फ़ेज़: फ़ॉर्म न देने वाले वोटरों को 03.08.2026 से 28.09.2026 तक नोटिस जारी किए जाएंगे।
दावा/आपत्ति चरण: इसके बाद ‘क्लेम/ऑब्जेक्शन फ़ेज़’ के दौरान वोटरों को अपने दावे पेश करने होंगे, और उस समय उनसे ज़रूरी दस्तावेज़ मांगे जाएंगे।
दस्तावेज़ विहीन नागरिकों के लिए पंजाब सरकार की मुफ़्त सेवाएँ:
प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कई नागरिकों के पास वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने या सुधार के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे नागरिकों की सुविधा के लिए पंजाब सरकार ने एक बड़ा और जनहितैषी फ़ैसला लिया है।
बड़ी राहत: सेवा केंद्रों, डोरस्टेप डिलीवरी सेवाओं और ऑनलाइन माध्यमों से ज़रूरी दस्तावेज़ बनवाने के लिए ली जाने वाली सरकारी फ़ीस को 01.07.2026 से 30.09.2026 तक पूरी तरह से माफ़ कर दिया गया है।
इन सर्टिफ़िकेट्स पर मिलेगी 100% फ़ीस माफ़ी:
जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) और निवास प्रमाण पत्र (Residence Certificate)।
जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) और उसमें सुधार (नगर निगम, शहरी, ग्रामीण क्षेत्र और MC टाउन)।
10वीं और 12वीं कक्षा के डुप्लिकेट प्रमाण पत्र (Duplicate Certificates)।
ज़िला निर्वाचन अधिकारी की वोटरों से अपील:
श्री राहुल चाबा ने ज़िले के सभी नागरिकों से अपील की है कि जिनके पास भी ये दस्तावेज़ नहीं हैं, वे इस सुनहरे मौक़े का लाभ उठाकर तुरंत अपने सर्टिफ़िकेट बनवा लें। उन्होंने बताया कि चुनाव पंजीकरण अधिकारी से नोटिस मिलने के बाद ये दस्तावेज़ जमा किए जाने चाहिए, ताकि 01.10.2026 को प्रकाशित होने वाली ‘अंतिम वोटर सूची’ में वोटर का नाम अनिवार्य रूप से शामिल किया जा सके। ज़िला निर्वाचन अधिकारी ने विशेष रूप से सचेत किया कि फ़ीस माफ़ी की यह छूट केवल 30 सितंबर 2026 तक ही वैध है, इसके बाद सरकारी फ़ीस पुनः लागू कर दी जाएगी।
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फोटो: डिप्टी कमिश्नर श्री राहुल चाबा फरीदकोट।





