पेंशन न मिलने से पंजाब के लाखों बुजुर्गों में आक्रोश; 8 मई को फूके जाएंगे सीएम और वित्त मंत्री के पुतले,
-ट्रेजरी ऑफिस के बाहर फरीदकोट के पेंशनर्स ने खोला मोर्चा, बड़े आंदोलन का ऐलान…


फरीदकोट, 6 मई (अलेक्जेंडर डिसूजा): स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) से जुड़े पंजाब सरकार के लाखों पेंशनर्स के लिए अप्रैल महीने की पेंशन गले की फांस बन गई है। मई का पहला हफ्ता बीतने को है, लेकिन अभी तक बुजुर्गों के खातों में पेंशन की राशि नहीं पहुंची है। सरकार के इस ढुलमुल रवैये से नाराज पेंशनर संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है। संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तुरंत पेंशन जारी नहीं की गई, तो 8 मई को राज्य स्तरीय विरोध के तहत ट्रेजरी ऑफिसों के सामने सरकार के पुतले फूंके जाएंगे।
6 तारीख हो गई, पर खाली हैं बुजुर्गों के खाते:
पेंशनर नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि अमूमन हर महीने की पहली तारीख को पेंशन खाते में क्रेडिट हो जाती थी। आज 6 मई हो चुकी है, लेकिन बैंक खातों में सन्नाटा पसरा है। मोबाइल पर ‘पेंशन जमा होने’ का मैसेज न आने से बुजुर्ग पेंशनर्स भारी मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। इसके अलावा, संशोधित पे-स्केल (Revised Pay Scale) के मुताबिक मिलने वाली मासिक किस्त को लेकर भी सरकार या बैंक की तरफ से कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की जा रही है।
फरीदकोट में तीन बड़े संगठनों ने मिलाया हाथ:
इस संकट को लेकर फरीदकोट जिले के तीन प्रमुख संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पंजाब पेंशनर्स यूनियन (PPU), पंजाब गवर्नमेंट सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन,
डेमोक्रेटिक पेंशनर्स फ्रंट।
इन संगठनों ने संयुक्त रूप से फैसला लिया है कि 8 मई को सुबह 10:30 बजे फरीदकोट के ट्रेजरी ऑफिस के बाहर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के पुतले जलाकर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
‘बुजुर्गों के प्रति सरकार का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण’: पेंशनर नेता
पेंशनर आंदोलन के मुख्य रणनीतिकार और नेता प्रेम चावला, इंदरजीत सिंह खीवा, सुखमंदर सिंह संधवा और कुलवंत सिंह चानी ने संयुक्त बयान में कहा कि जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सरकार और जनता की सेवा में लगा दी, आज उन्हें अपनी हक की पेंशन के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। पंजाब सरकार का यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनहीन है। अगर तुरंत प्रभाव से पेंशन रिलीज नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और तेज व तीखा किया जाएगा।
इस मौके पर अपनी आवाज बुलंद करने वालों में सुभाष चंद्र शर्मा, कुलविंदर सिंह मौर, सोमनाथ अरोड़ा, प्रिंसिपल कृष्ण लाल, गुरचरण सिंह सिख वाला, इकबाल सिंह मंघेरा, गुरमीत सिंह जैतो, पूरन सिंह सरवन, तरसेम नरूला, जगतार सिंह गिल और सुरजीत सिंह भट्टी समेत बड़ी संख्या में पेंशनर्स और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी नेताओं ने एक सुर में मांग की है कि बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक बहानेबाजी के, लाखों पेंशनर्स के खातों में अप्रैल महीने की पेंशन तुरंत ट्रांसफर की जाए।
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