शासकीय महाविद्यालय का प्रोफेसर ABVP का पदाधिकारी? NSUI ने उठाए सवाल, प्राचार्य को सौंपा ज्ञापन
कॉलेज में राजनीतिक गतिविधियों का आरोप, प्रोफेसर सुनील सिंह के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ब्यौहारी। पंडित रामकिशोर शुक्ल शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय ब्यौहारी में शैक्षणिक व्यवस्थाओं और कथित राजनीतिक गतिविधियों को लेकर छात्र संगठन NSUI ने मोर्चा खोल दिया है। NSUI कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर विभिन्न समस्याओं के निराकरण के साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर सुनील सिंह, विषय—पॉलिटिकल साइंस, के संबंध में निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
NSUI का आरोप है कि संबंधित प्रोफेसर महाविद्यालय में शासकीय सेवा देने के साथ-साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नगर अध्यक्ष के रूप में भी पदाधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। संगठन ने सवाल उठाया कि यदि कोई शासकीय महाविद्यालय का शिक्षक किसी राजनीतिक गतिविधि अथवा छात्र संगठन से पदाधिकारी के रूप में जुड़ा है, तो इस संबंध में लागू सेवा नियमों और आचार संहिता के तहत स्थिति की जांच क्यों नहीं की जा रही है।
‘कॉलेज पढ़ाई का केंद्र है, राजनीतिक गतिविधियों का अड्डा नहीं’
NSUI विधानसभा अध्यक्ष अनुराज तिवारी ने महाविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कॉलेज विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य निर्माण का केंद्र है। यहां किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधियों अथवा राजनीतिक हस्तक्षेप को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि संबंधित प्रोफेसर के ABVP पदाधिकारी होने की जानकारी होने के बावजूद यदि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई या जांच नहीं की गई है, तो यह गंभीर विषय है। NSUI ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।
शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर भी NSUI ने उठाए सवाल
ज्ञापन में NSUI ने महाविद्यालय की शैक्षणिक और मूलभूत व्यवस्थाओं को लेकर भी कई मांगें रखीं। संगठन की प्रमुख मांगों में महाविद्यालय में कक्षाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। प्रोफेसरों एवं अन्य शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित हो। महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। छात्राओं के वॉशरूम की व्यवस्था तत्काल बेहतर की जाए। संबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर के मामले में निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्राचार्य को लिया आड़े हाथ
NSUI ने आरोप लगाया कि महाविद्यालय प्रशासन को संबंधित मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

NSUI विधानसभा अध्यक्ष अनुराज तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि महाविद्यालय प्रशासन ने मांगों को गंभीरता से नहीं लिया तो NSUI द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।
इनकी रही उपस्थिति
ज्ञापन सौंपने के दौरान NSUI विधानसभा अध्यक्ष अनुराज तिवारी, जिला उपाध्यक्ष ऋषि शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष ब्यौहारी अभिषेक सिंह, सिमरन दुबे, विशाल चतुर्वेदी, शिवांश चतुर्वेदी, देवांश राठौर, हरिओम द्विवेदी, अनिरुद्ध गुप्ता सहित NSUI के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इनका कहना
“संबंधित प्रोफेसर के मामले में निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए। शासकीय महाविद्यालय विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य निर्माण का स्थान है। यहां किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
अनुराज तिवारी, विधानसभा अध्यक्ष, NSUI ब्यौहारी
प्राचार्य का पक्ष जानने के लिए फोन कॉल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया। संबंधित प्रोफेसर का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।





