इंसानियत की मिसाल: मेडिकल हॉस्पिटल फरीदकोट ने बचाई लावारिस बुज़ुर्ग की जान, परिवार के ठुकराने पर ‘पिंगलवाड़ा’ बना सहारा…

फरीदकोट, 9 जून (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल हॉस्पिटल में इंसानियत और निःस्वार्थ सेवा भावना की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। हॉस्पिटल के डॉक्टरों और स्टाफ की अथक कोशिशों से न सिर्फ एक लावारिस बुजुर्ग मरीज की जान बचाई गई, बल्कि अब उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए एक नई पनाह भी मिल गई है। परिवार द्वारा ठुकराए जाने के बाद, इस बुजुर्ग को आगे की देखभाल के लिए गुरुद्वारा लंगर माता खीवी जी के मुख्य सेवक की लीडरशिप में मशहूर समाज सेवी संस्था ‘पिंगलवाड़ा’ भेज दिया गया है।
5-6 महीने पहले सड़क हादसे का हुए थे शिकार
इस मामले के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कैप्टन धर्म सिंह गिल ने बताया कि यह बुजुर्ग मरीज पिछले करीब 5-6 महीनों से हॉस्पिटल में भर्ती था। कुछ समय पहले एक सड़क हादसे का शिकार होने के बाद कुछ नेक दिल समाज सेवियों ने उन्हें बेहद गंभीर हालत में यहाँ भर्ती कराया था। हादसे की वजह से बुजुर्ग का पैर बुरी तरह टूट चुका था और उनकी हालत चिंताजनक थी।
कैप्टन गिल ने हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के हेड डॉ. जगदीप सिंह और उनकी पूरी मेडिकल टीम का विशेष तौर पर शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने तुरंत मरीज का ऑपरेशन किया और महीनों की कड़ी मेहनत व देखभाल के बाद बुजुर्ग को पूरी तरह स्वस्थ कर दिया।
जब अपनों ने फेरा मुंह, तो संस्था ने थामा हाथ:
बदकिस्मती की बात यह रही कि इलाज के दौरान हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन ने बुजुर्ग के परिवार को ढूंढने की काफी कोशिशें कीं। परिवार का पता भी चला, लेकिन उन्होंने अस्पताल आने से साफ मना कर दिया और बुजुर्ग को अपनाने या पहचानने से इंकार कर दिया।
परिवार के इस रवैये के बाद हॉस्पिटल की टीम ने हार नहीं मानी और मशहूर समाज सेवी संस्था ‘पिंगलवाड़ा’ से संपर्क साधा। संस्था ने भी हमेशा की तरह इंसानियत का फर्ज निभाते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया और बुजुर्ग की आगे की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हो गई।
मुख्य सेवक की लीडरशिप में पिंगलवाड़ा किया गया रवाना
बुजुर्ग को पिंगलवाड़ा भेजने के इस भावुक मौके पर गुरुद्वारा साहिब लंगर माता खीवी जी के मुख्य सेवक और अन्य सेवादार विशेष रूप से मौजूद रहे। इन्हीं की देखरेख और लीडरशिप में बुजुर्ग को पिंगलवाड़ा भेजने की पूरी प्रक्रिया को सम्मानपूर्वक पूरा किया गया। डॉक्टरों के सेवा भाव और समाज सेवी संस्थाओं के इस आपसी तालमेल व कोशिश की इस समय पूरे हॉस्पिटल स्टाफ और इलाके के लोगों द्वारा जमकर तारीफ की जा रही है।
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फोटो: बुजुर्ग को पिंगलवाड़ा रवाना करते हुए डॉक्टर, गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवक और अन्य सेवादार।





