Ad imageAd image
d84ef9efc3d53b57ca3a957694261ad58b2c2b9e

जल गंगा संवर्धन योजना में बड़ा विवाद: एक साल बाद भी भुगतान अटका, आदिवासी श्रमिकों और वाहन मालिकों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

admin
3 Min Read
इस खबर को शेयर करें

जल गंगा संवर्धन योजना में बड़ा विवाद: एक साल बाद भी भुगतान अटका, आदिवासी श्रमिकों और वाहन मालिकों ने कलेक्टर से लगाई गुहार

 

अनूपपुर।

 

- Advertisement -
Ad imageAd image

जिले में जल गंगा संवर्धन योजना के तहत रजहा सरोवर के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य को पूरा हुए लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी मजदूरी और वाहन किराए का भुगतान न होने से भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है, जहां आदिवासी श्रमिकों, अन्य पिछड़ा वर्ग के वाहन चालकों, जेसीबी और ट्रैक्टर मालिकों के साथ-साथ रजहा धाम समिति ने जिला कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, रजहा धाम परिसर में यह कार्य शासन के निर्देशों और जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के आधार पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कराया गया था। कार्य की शुरुआत 09 अप्रैल 2025 को हुई थी और यह 10 जून 2025 तक लगातार चला, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय आदिवासी श्रमिकों ने मजदूरी और श्रमदान के माध्यम से योगदान दिया, जबकि कई वाहन मालिकों ने अपने जेसीबी और ट्रैक्टर भी कार्य में लगाए।

 

आरोप है कि इतना महत्वपूर्ण कार्य पूरा होने के बावजूद अब तक केवल लगभग 81 हजार रुपये का आंशिक भुगतान ही किया गया है, जबकि शेष मजदूरी और वाहन किराए की राशि लंबे समय से लंबित पड़ी है। भुगतान को लेकर कई बार प्रशासनिक स्तर पर आवेदन और पत्राचार किया गया, यहां तक कि कलेक्टर कार्यालय में भी कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

- Advertisement -
Ad imageAd image

लंबित भुगतान को लेकर श्रमिकों और वाहन मालिकों में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि आदिवासी बहुल क्षेत्र के गरीब मजदूर अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सभी लंबित भुगतान जारी किए जाएं, ताकि उन्हें राहत मिल सके और भविष्य में इस तरह की समस्याएं दोबारा न उत्पन्न हों।

Share This Article
Leave a Comment