युवाओं की नई आवाज बनकर उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, सोशल मीडिया पर बैन के बीच स्वतंत्र आंदोलन की घोषणा
देश के करोड़ों युवाओं के बीच इन दिनों एक अनोखा नाम तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के रूप में जाना जा रहा है। व्यवस्था में व्याप्त पेपर लीक, बेरोजगारी और जवाबदेही की कमी जैसे गंभीर मुद्दों से परेशान भारतीय युवाओं की समस्याओं को उठाने के लिए इस मंच की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक आवाज के रूप में हुई थी। बेहद कम समय में देश के युवाओं के बीच इस आंदोलन ने अपनी गहरी पैठ बना ली है और वर्तमान में इस डिजिटल कम्युनिटी से दो करोड़ बीस लाख से अधिक युवा जुड़ चुके हैं।
संस्थापकों का कहना है कि उन्होंने ‘कॉकरोच’ नाम इसलिए चुना क्योंकि वे खुद को हर विपरीत परिस्थिति में जीवित रहने वाले जीव की तरह देखते हैं। देश के युवाओं की आज यही स्थिति हो चुकी है, जहां वे खुद को उपेक्षित और अनदेखा महसूस करने के बावजूद जीवन में कभी हार नहीं मान रहे हैं। आंदोलन के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए हाल ही में उनके आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल को हटा दिया गया है। इसके साथ ही उनके अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स को हैक करने की कोशिशें और उनके खिलाफ दुष्प्रचार अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस डिजिटल पाबंदी और कार्रवाई के बीच संगठन ने अपने भविष्य की दिशा को लेकर एक बड़ा एलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे पूरी तरह से एक स्वतंत्र और युवाओं द्वारा संचालित आंदोलन का निर्माण करना चाहते हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल युवाओं की चिंताओं को प्रमुखता से उठाना और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाना होगा। वे किसी भी तरह की दलीय राजनीति में शामिल हुए बिना केवल युवाओं के मुद्दों पर रचनात्मक रूप से काम करेंगे।
यह आंदोलन भारत के संविधान के मूल्यों के प्रति अपनी पूर्ण निष्ठा व्यक्त करता है। इसके मार्गदर्शक सिद्धांतों में महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, शहीद भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान राष्ट्रनिर्माताओं की प्रेरणा शामिल है। संगठन धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आगे बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में यह मंच अपनी बाईस मिलियन से अधिक की कम्युनिटी से सीधे सुझाव एकत्र करेगा ताकि शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित अभियान चलाए जा सकें और युवाओं की आवाज को व्यवस्था तक मजबूती से पहुंचाया जा
सके।




