शहडोल।
जिले के जैतपुर तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम खाहीडोल निवासी सुंदर लाल पनिका ने नायब तहसीलदार शिवकुमार सिंह पर फौती नामांतरण के नाम पर ₹50 हजार रिश्वत लेने और बाद में फाइल गायब कर देने का आरोप लगाया है। शिकायत सामने आने के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसके चाचा की मृत्यु के बाद पैतृक भूमि के नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था। यह भूमि खसरा नंबर 233/1 एवं 234, कुल रकबा 1.750 एकड़ ग्राम खाहीडोल, तहसील जैतपुर में स्थित है। आरोप है कि नामांतरण प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में नायब तहसीलदार द्वारा ₹50 हजार की मांग की गई थी। राशि देने के बावजूद न तो नामांतरण हुआ और न ही फाइल का कोई रिकॉर्ड मिल रहा है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार तहसील के चक्कर लगाने के बाद भी उसे न्याय नहीं मिला, बल्कि कार्यालय से भगा दिया गया। मामले से संबंधित प्रकरण क्रमांक 0228/18-6/2025-26 बताया गया है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को भी शिकायत सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है।
मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता एवं स्थानीय लोगों का आरोप है कि नायब तहसीलदार शिवकुमार सिंह ने तहसील में दो निजी व्यक्तियों को वसूली के लिए सक्रिय कर रखा है। आरोप है कि कृष्ण कुमार तिवारी और जियालाल सिंह नामक व्यक्ति किसानों और आवेदकों से “डील” कर राशि वसूलने का काम करते हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं शिकायतकर्ता द्वारा इस पूरे मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन, कलेक्टर कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से तथा अन्य संबंधित विभागों में भी की गई है। शिकायतकर्ता ने दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए रिश्वत की राशि वापस दिलाने और लंबित नामांतरण प्रकरण का निराकरण कराने की मांग की है।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला राजस्व विभाग में कथित भ्रष्टाचार और बिचौलिया व्यवस्था की बड़ी पोल खोल सकता है। फिलहाल मामले को लेकर जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।





