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ब्यौहारी में शराब महंगी, लेकिन बिल नदारद, ठेकेदार की मनमानी से उपभोक्ता परेशान

admin
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ब्यौहारी, मध्य प्रदेश | 12 अप्रैल 2026

यस न्यूज़ प्रतिनिधि: विनय द्विवेदी (94247 77542)

 

ब्यौहारी में शराब महंगी, लेकिन बिल नदारद, ठेकेदार की मनमानी से उपभोक्ता परेशान

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ब्यौहारी – मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में संचालित देशी-विदेशी कंपोजिट शराब दुकानों पर इन दिनों अनियमितताओं का खुला खेल देखने को मिल रहा है। आरोप है कि शराब ठेकेदार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेची जा रही है, जबकि ग्राहकों को बिल देने से साफ इंकार किया जा रहा है।

स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बोतल पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक राशि वसूले जाने पर आपत्ति जताते हैं और बिल की मांग करते हैं, तो दुकान के कर्मचारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि “बिल अभी छपा नहीं है” या “नई रेट लिस्ट लागू है।” ऐसे में ग्राहकों को मजबूरी में बिना बिल के ही महंगी शराब खरीदनी पड़ रही है।

 

नई रेट लिस्ट के नाम पर वसूली का खेल?

 

दुकान संचालकों की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि शासन की नई दर सूची लागू होने के कारण पुराने स्टॉक को नई कीमतों पर बेचा जा रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि दरें बदली गई हैं, तो उपभोक्ताओं को वैध बिल क्यों नहीं दिया जा रहा? बिना बिल बिक्री सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है और इससे राजस्व को भी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

 

आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल

 

इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक बैठे जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध वसूली से अनजान नहीं हो सकते। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई अब तक सामने नहीं आई है।

 

उपभोक्ताओं में आक्रोश, जांच की मांग

 

लगातार हो रही इस मनमानी से आम नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो। अब बड़ा सवाल यह है कि

क्या यह पूरा खेल ठेकेदार स्तर तक सीमित है, या फिर इसमें विभागीय मिलीभगत भी शामिल है?

 

यस न्यूज़ इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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