पुष्पराजगढ़ में शिक्षकों का उग्र प्रदर्शन, TET अनिवार्यता समाप्त करने की मांग तेज
अनूपपुर (मध्य प्रदेश)।
जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा संघ द्वारा शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। केलखौरा मैदान से निकली रैली में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पुष्पराजगढ़ को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान क्षेत्र में आंदोलन का व्यापक प्रभाव देखने को मिला।
रैली के माध्यम से शिक्षकों ने राज्य सरकार का ध्यान अपनी प्रमुख मांगों की ओर आकर्षित किया। ज्ञापन में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से कार्यरत नॉन-TET शिक्षकों पर यह नियम थोपना उनके साथ अन्याय है। इसके साथ ही उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के खिलाफ राज्य सरकार से शीघ्र पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल द्वारा 2 मार्च 2026 तथा जनजातीय कार्य विभाग भोपाल द्वारा 26 मार्च 2026 को जारी TET संबंधी आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए। शिक्षकों का मानना है कि इन आदेशों से बड़ी संख्या में शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं और उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
संघ ने अपनी एक अन्य महत्वपूर्ण मांग में कहा है कि अध्यापक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से की जाए। इससे शिक्षकों को पुरानी पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाशों के नगदीकरण सहित अन्य वैधानिक लाभ मिल सकेंगे। यह मांग लंबे समय से लंबित बताई जा रही है, जिस पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
इस आंदोलन को क्षेत्रीय विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को का समर्थन भी प्राप्त हुआ, जिससे शिक्षकों के आंदोलन को और बल मिला है। उनके समर्थन को इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल यह मुद्दा क्षेत्रीय स्तर से आगे बढ़कर राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है।


