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## शहडोल: 10 हजार की रिश्वत लेते महिला उपयंत्री गिरफ्तार, लोकायुक्त रीवा की बड़ी कार्रवाई
देवलोंद (शहडोल)।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आई है। रीवा लोकायुक्त की टीम ने जिले के अंतिम छोर पर स्थित देवलोंद (नगर परिषद खांड़) में दबिश देकर एक महिला उपयंत्री (सब-इंजीनियर) को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
## खेल मैदान के बिल पास करने के बदले मांगी थी घूस
मिली जानकारी के अनुसार, नगर परिषद खांड़ (बाणसागर) में पदस्थ महिला उपयंत्री सुधा वर्मा (35 वर्ष) ने एक स्थानीय ठेकेदार जे.के. अग्रवाल से उनके द्वारा किए गए निर्माण कार्य के बदले रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने नगर परिषद क्षेत्र के खेल मैदान में स्टेयर (सीढ़ी) निर्माण का कार्य पूर्ण किया था। इस कार्य के मूल्यांकन (M.B. भरने) और अंतिम बिल को पास करने की एवज में उपयंत्री द्वारा 20,000 रुपये की मांग की गई थी।
## लोकायुक्त ने बिछाया जाल
रिश्वत मांगे जाने से परेशान ठेकेदार ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय रीवा में दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर लोकायुक्त एसपी के निर्देशन में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, बुधवार (9 अप्रैल) को जैसे ही ठेकेदार ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये महिला उपयंत्री को सौंपे, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने उन्हें दबोच लिया।
## कार्रवाई से मचा हड़कंप
लोकायुक्त टीम द्वारा पकड़े जाने के बाद जब उपयंत्री के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इस अचानक हुई कार्रवाई से नगर परिषद कार्यालय और बाणसागर क्षेत्र के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी सुधा वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
## भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
शहडोल जिले में पिछले कुछ दिनों के भीतर लोकायुक्त की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। स्थानीय लोगों और ठेकेदारों का कहना है कि निर्माण कार्यों के भुगतान के लिए अक्सर अधिकारियों द्वारा कमीशन की मांग की जाती है, जिससे विकास कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
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