आउटसोर्सिंग वर्कर्स को डिपार्टमेंटल रोल पर ले सरकार: PSSF 1680 की पावरकॉम और ट्रांसको मैनेजमेंट से मांग…

फरीदकोट 13 मई (अलेक्जेंडर डिसूजा): पंजाब सबऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन (PSSF) 1680 सेक्टर 22-B, चंडीगढ़ ने पंजाब सरकार और बिजली विभाग के प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आउटसोर्सिंग वर्कर्स के हक में आवाज बुलंद की है। फेडरेशन ने पुरजोर मांग की है कि पावरकॉम और ट्रांसको में तैनात सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को तुरंत डिपार्टमेंटल रोल (सीधे विभाग के अधीन) पर लिया जाए और वर्षों से जारी कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को हमेशा के लिए खत्म किया जाए।
शोषण के खिलाफ उठाई आवाज:
फेडरेशन के स्टेट प्रेसिडेंट रणजीत सिंह रणवां और स्टेट एडिशनल जनरल सेक्रेटरी प्रेम चावला ने एक संयुक्त बयान में कहा कि प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे वर्कर्स लंबे समय से आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर मैनेजमेंट इन वर्कर्स को सीधे अपने रोल पर ले लेता है, तो न केवल यह भेदभावपूर्ण कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म होगा, बल्कि वर्कर्स के मन से नौकरी जाने का भय भी समाप्त हो जाएगा।
मुख्य मांगें और फेडरेशन का रुख:
फेडरेशन ने अपनी मांगों को लेकर निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे हैं:-
समान नीति लागू हो: नेताओं ने याद दिलाया कि हाल ही में पावरकॉम मैनेजमेंट ने 5,993 CHB वर्करों को डिपार्टमेंटल रोल पर लेकर एक सराहनीय शुरुआत की है। अब यही नीति उन वर्करों पर भी लागू होनी चाहिए जो पिछले 15 सालों से PESCO और अन्य प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से बेहद कम वेतन पर काम कर रहे हैं।
आर्थिक सुरक्षा: प्राइवेट कंपनियों द्वारा वर्करों की मेहनत का मुनाफा खाने की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए। वर्कर्स को उनके काम का उचित हक और इंसाफ मिलना चाहिए।
स्थायी समाधान की जरूरत: सरकार को इन मेहनती वर्करों के लिए कोई पक्की नीति बनानी चाहिए ताकि वे मानसिक और आर्थिक तंगी के दौर से बाहर निकल सकें।
चेतावनी भरा लहजा:
यूनियन नेताओं ने अंत में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार और मैनेजमेंट ने इन मांगों पर जल्द संज्ञान नहीं लिया और कोई पक्का हल नहीं निकाला, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
न्यूज़: 13-1
फोटो 01: फेडरेशन के स्टेट प्रेसिडेंट रणजीत सिंह रणवां।

फोटो 02: फेडरेशन के स्टेट प्रेसिडेंट रणजीत सिंह रणवां और स्टेट एडिशनल जनरल सेक्रेटरी प्रेम चावला।




