भोपाल |
मध्य प्रदेश की धरती पर एक बार फिर शिक्षा की गूंज सुनाई देने वाली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार 1 अप्रैल 2026 से राज्यव्यापी ‘स्कूल चलें हम’ अभियान का भव्य शुभारंभ कर रही है। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे के स्वर्णिम भविष्य की नींव रखने का एक महा-उत्सव है।
प्रवेशोत्सव: तिलक और माला से होगा नौनिहालों का स्वागत
अभियान के पहले दिन, यानी 1 अप्रैल को प्रदेश के सभी 92,000 से अधिक सरकारी स्कूलों को फूलों और गुब्बारों से सजाया जाएगा। स्कूल आने वाले नए बच्चों का स्वागत तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर किया जाएगा। इस ‘प्रवेशोत्सव’ का उद्देश्य बच्चों के मन से स्कूल का डर भगाकर उनके भीतर शिक्षा के प्रति उत्साह जगाना है।
📢 अभियान के मुख्य स्तंभ और रणनीतियाँ
1. ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम:
इस बार अभियान का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम होगा। इसके तहत समाज के प्रबुद्ध नागरिक, अधिकारी, डॉक्टर, इंजीनियर और जनप्रतिनिधि स्कूलों में जाकर बच्चों की क्लास लेंगे। वे बच्चों को अपने अनुभव सुनाएंगे और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करेंगे।
2. घर-घर दस्तक (Door-to-Door Survey):
शिक्षा विभाग की टीमें उन बच्चों को चिन्हित करेंगी जो किन्हीं कारणों से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं या जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है (Dropouts)। शिक्षकों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से इन बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा।
3. निशुल्क सुविधाओं का वितरण:
सत्र के पहले ही दिन छात्रों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें (Textbooks) और वर्कबुक प्रदान की जाएंगी। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि 5.6 करोड़ से अधिक पुस्तकें समय पर बच्चों के हाथों में पहुँच जाएं।
आधुनिक शिक्षा और सुविधाओं पर जोर
* PM SHRI स्कूल: इस साल ‘पीएम श्री’ योजना के तहत अपग्रेड किए गए स्कूलों में विशेष स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब की सुविधा भी बच्चों को आकर्षित करेगी।
* गणवेश और छात्रवृत्ति: पात्र छात्रों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म और साइकिल के लिए राशि का अंतरण (DBT) भी जल्द शुरू किया जाएगा।
* दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष प्रबंध: ‘समग्र शिक्षा’ के तहत दिव्यांग बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए विशेष वाहन और सहायक उपकरणों की व्यवस्था की गई है।
जन-भागीदारी की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। सरकार का नारा है— “पढ़ेगा मध्य प्रदेश, तो बढ़ेगा मध्य प्रदेश।”
महत्वपूर्ण तिथियाँ:
* 1 अप्रैल: प्रवेशोत्सव और स्कूल सजावट।
* 2-3 अप्रैल: अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) और प्रेरक सत्र।
* 4 अप्रैल: विशेष बाल सभा और खेलकूद गतिविधियाँ।
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