सूर्या रोशनी की बड़ी पहल: पंजाब और चंडीगढ़ में शुरू किया मेगा ई-वेस्ट कलेक्शन और जागरूकता अभियान,

-ज़ीरकपुर, मोहाली और चंडीगढ़ की प्रमुख सोसायटियों के निवासियों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा; पर्यावरण संरक्षण के लिए सुरक्षित रीसाइक्लिंग पर दिया ज़ोर…
मोहाली (अलेक्जेंडर डी’सूज़ा): पर्यावरण की स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, लाइटिंग, अप्लायंसेज और स्टील पाइप के क्षेत्र में भारत के प्रतिष्ठित ब्रांड, सूर्या रोशनी लिमिटेड ने पंजाब और चंडीगढ़ के प्रमुख रिहायशी इलाकों में एक व्यापक ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरा) कलेक्शन और जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।
स्थानीय रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और सरकार द्वारा अधिकृत रीसाइक्लिंग एजेंसियों के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का मुख्य उद्देश्य घरों से निकलने वाले इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करना और ज़िम्मेदारी से रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना है।
स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी:
इस अभियान को सफल बनाने में ट्राईसिटी (Chandigarh-Mohali-Zirakpur) के कई बड़े रिहायशी कॉम्प्लेक्स के निवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अभियान के तहत प्रमुख रूप से इन सोसायटियों को कवर किया गया:-
ज़ीरकपुर: अंसल वुडबरी अपार्टमेंट्स।
चंडीगढ़: पुष्पक सोसाइटी कॉम्प्लेक्स और निर्वाण सोसाइटी।
मोहाली: TDI-1,
अभियान के दौरान निवासियों को अपने घरों में पड़े खराब या अनुपयोगी इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक सामान-जैसे पुरानी लाइटें, घरेलू उपकरण और अन्य गैजेट्स-को हटाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसका मकसद यह पक्का करना था कि यह खतरनाक कचरा आम लैंडफिल (कचरे के ढेरों) में जाकर पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाए, बल्कि सीधे अधिकृत रीसाइक्लिंग सिस्टम तक पहुँचे।
ई-वेस्ट: एक बड़ी चुनौती और सूर्या रोशनी का समाधान:
भारत में इलेक्ट्रॉनिक सामानों की बढ़ती खपत के बीच ई-वेस्ट का सही प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन चुका है। गलत तरीके से फेंके गए ई-वेस्ट से ज़हरीले रसायन मिट्टी और भूजल में मिल जाते हैं, जिससे गंभीर प्रदूषण होता है। साथ ही, इसमें मौजूद कीमती और दोबारा इस्तेमाल लायक धातुएँ भी बर्बाद हो जाती हैं।
सूर्या रोशनी ने इस स्थानीय अभियान के ज़रिए उपभोक्ताओं को संसाधनों के संरक्षण और एक सस्टेनेबल इकोसिस्टम बनाने में उनकी व्यक्तिगत भूमिका के प्रति जागरूक किया।
कड़े नियमों का पालन: एक सर्टिफाइड ब्रांड ओनर के तौर पर, सूर्या रोशनी पूरे भारत में एक मज़बूत कलेक्शन नेटवर्क चलाती है। कंपनी भारत के ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के तहत ‘एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (EPR) के नियमों के साथ-साथ बैटरी और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियमों का भी सख्ती से पालन करती है।
पर्यावरण के प्रति कॉर्पोरेट प्रतिबद्धता:
समुदाय के नेतृत्व में होने वाले इस पर्यावरण कार्य के महत्व पर ज़ोर देते हुए, सूर्या रोशनी लिमिटेड के लाइटिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के सीईओ, श्री वसुमित्र पांडे ने कहा कि पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदारी एक साझा प्रतिबद्धता है, जिसमें व्यवसायों, समुदायों और उपभोक्ताओं सभी की सक्रिय भागीदारी की ज़रूरत होती है। अपने ई-वेस्ट कलेक्शन और जागरूकता अभियानों के ज़रिए, हम ज़िम्मेदारी से निपटान के तरीकों को बढ़ावा देना चाहते हैं और यह पक्का करना चाहते हैं कि बेकार हो चुके उत्पादों को केवल अधिकृत चैनलों के माध्यम से ही रीसायकल किया जाए।
श्री पांडे ने आगे स्पष्ट किया कि स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) कंपनी की दीर्घकालिक व्यावसायिक सोच का एक मुख्य हिस्सा है। उन्होंने भविष्य में भी क्षेत्रीय संसाधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण परियोजनाओं को कंपनी की तरफ से लगातार समर्थन जारी रखने का वादा किया।
न्यूज़: 16-4,
फोटो: इवेंट के दौरान ई-वेस्ट कलेक्ट करते कर्मचारी और जागरूक नागरिक।





