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हीट वेव से बचाव के लिए सिविल सर्जन ने जारी की एडवाइजरी; फरीदकोट के सरकारी अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम…

Alexander D’Souza
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हीट वेव से बचाव के लिए सिविल सर्जन ने जारी की एडवाइजरी; फरीदकोट के सरकारी अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम… 

फरीदकोट (ऐलिंगजेंडर डिसूजा):
बढ़ती गर्मी और आसमान से बरसती आग को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आम लोगों को हीट वेव (लू) के घातक प्रकोप से बचाने के लिए विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इसी कड़ी में सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप सिंगला ने सिविल सर्जन कार्यालय में एक विशेष एडवाइजरी और अवेयरनेस पोस्टर जारी किया। इस मौके पर उनके साथ असिस्टेंट सिविल सर्जन डॉ. परवजीत सिंह गुलाटी समेत विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
क्या है हीट वेव और क्यों है यह खतरनाक?
डॉ. रमनदीप सिंगला ने जानकारी देते हुए बताया कि मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर ‘हीट वेव’ की स्थिति बनती है।
“जब अत्यधिक गर्मी के कारण मानव शरीर का तापमान नियंत्रण तंत्र काम करना बंद कर देता है, तो इंसान हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाता है। यह स्थिति बेहद संवेदनशील और जानलेवा भी हो सकती है”: डॉ. रमनदीप सिंगला, सिविल सर्जन।
ये लोग हैं ‘हाई रिस्क’ कैटेगरी में:
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, कुछ वर्ग के लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है:-
नवजात और छोटे बच्चे,
गर्भवती महिलाएं,
65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग,
धूप में काम करने वाले मजदूर, पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग।
विशेष सलाह: मिर्गी, दिल, किडनी या लिवर की बीमारी से पीड़ित मरीजों को शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
बचाव के लिए सिविल सर्जन की मुख्य गाइडलाइंस
हीट वेव से सुरक्षित रहने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने निम्नलिखित बातों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है:
पानी का निरंतर सेवन: प्यास न लगने पर भी हर आधे घंटे में पानी पीते रहें। घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल हमेशा साथ रखें।
सही पहनावा: शरीर को ढकने वाले हल्के रंग के, पूरी बाजू के सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को छाते, टोपी या दुपट्टे से ढकें और कभी भी नंगे पैर बाहर न निकलें।
खान-पान का ध्यान: शरीर में पानी की कमी न होने दें। तरबूज, खीरा, संतरा और खरबूजा जैसे मौसमी फलों का सेवन अधिक से अधिक करें।
काम के समय में बदलाव: दोपहर के समय धूप में सीधे काम करने से बचें। बाहर के जरूरी काम सुबह या शाम के ठंडे समय में ही निपटाएं।
अस्पतालों में विशेष इंतजाम
सिविल सर्जन ने जिले के निवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि फरीदकोट के सभी सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इमरजेंसी वॉर्ड्स को अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की मास मीडिया टीम और फील्ड स्टाफ लगातार जमीनी स्तर पर लोगों को जागरूक करने में जुटा हुआ है।
न्यूज़: 19-1
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