बीबीएमबी और पंजाब सरकार पिछले साल की आपदा से सीखने में नाकाम, -फिर मंडराया ‘सरकारी बाढ़’ का खतरा: स. जगजीत सिंह डल्लेवाल

-भाखड़ा डैम में पानी का लेवल पिछले साल से 21.5 फीट ज़्यादा; समय रहते पानी कम न करना प्रशासनिक लापरवाही: SKM (नॉन-पॉलिटिकल) नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सावधान रहने की अपील; ड्रेनेज नालों की सफाई और कमज़ोर तटबंधों को मज़बूत करने की मांग…
चंडीगढ़ (अलेक्जेंडर डिसूज़ा):
संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन-पॉलिटिकल) इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक और भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धूपुर) के अध्यक्ष स. जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आज एक प्रेस बयान जारी कर भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) और पंजाब सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साल आई विनाशकारी बाढ़ से कोई सबक सीखने के बजाय, दोनों प्रशासनों की घोर लापरवाही के कारण पंजाब एक बार फिर गंभीर बाढ़ के मुहाने पर खड़ा है।
पिछले साल के मुकाबले पानी का लेवल 21.5 फीट ज़्यादा
स. डल्लेवाल ने तकनीकी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि हर साल मानसून की बारिश शुरू होने से पहले भाखड़ा डैम का जलस्तर कम करने के लिए नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाता है। लेकिन इस बार बीबीएमबी और पंजाब सरकार ने नियमों के विपरीत जाकर पहले से ज़्यादा पानी स्टोर कर लिया है। आज की तारीख में भाखड़ा डैम में पानी का लेवल पिछले साल के मुकाबले करीब 21.5 फीट ज़्यादा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पिछले साल भी इसी कुप्रबंधन (मिसमैनेजमेंट) की वजह से ‘सरकारी बाढ़’ आई थी, जिसने कीमती जानें लीं, लाखों एकड़ फसलें बर्बाद कीं और करोड़ों का आर्थिक नुकसान पहुंचाया। इस बार भी प्रशासन उसी विनाशकारी नीति पर काम करता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री का बयान नाकाफी, जलस्तर बराबर करने में लगेगा डेढ़ महीना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने रोज़ आधा फीट पानी छोड़ने की बात कही है, किसान नेता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। डल्लेवाल ने कहा कि अगर रोज़ केवल आधा फीट पानी छोड़ा गया, तो डैम के पानी को पिछले साल के सुरक्षित स्तर पर लाने में ही करीब डेढ़ महीना (45 दिन) लग जाएगा। इस डेढ़ महीने के दौरान मानसून की जो बारिश होगी, उसका पानी जब डैम में आएगा तो स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो जाएगी।
जनता से खुद अलर्ट रहने की अपील:
हालात की गंभीरता को देखते हुए स. डल्लेवाल ने नदियों के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से खुद सावधान और सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकारें लोगों को बचाने के बजाय उजाड़ने की नीति अपना रही हैं, इसलिए अब जनता को खुद अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहना होगा।
संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन-पॉलिटिकल) की मुख्य मांगें:
मोर्चे ने पंजाब सरकार से तुरंत निम्नलिखित एहतियाती कदम उठाने की मांग की है:-
ड्रेनेज की सफाई: राज्य के सभी ड्रेनेज और बरसाती नालों की तुरंत युद्ध स्तर पर सफाई की जाए।
तटबंधों की मजबूती: नदियों के सभी कमज़ोर किनारों और बांधों पर तुरंत पत्थर व लोहे के जाल लगाकर उन्हें मज़बूत किया जाए।
पुख्ता इंतजाम: मानसून की भारी बारिश की संभावना को देखते हुए सभी प्रशासनिक प्रबंध समय रहते पूरे किए जाएं ताकि किसी भी जान-माल के नुकसान को टाला जा सके।
न्यूज़: 15-1
फोटो: स. जगजीत सिंह डल्लेवाल।





