कुदरी गांव में लगातार टाइगर हमलों से दहशत, 24 घंटे में दूसरा हमला; प्रशासन से सख्त कदमों की मांग
उमरिया (मध्य प्रदेश)।
जिले के ग्राम कुदरी में मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। पिछले एक महीने में टाइगर हमलों की पांचवीं घटना सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब एक ही परिवार पर 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हमला होने की घटना ने ग्रामीणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
हाल ही में हुई इन घटनाओं में फूलबाई गौड़ एवं कल्याण सिंह के परिजनों की मृत्यु से गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों के बावजूद अब तक प्रभावी रोकथाम के उपाय जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।

इस गंभीर स्थिति पर जनपद सदस्य रोशनी सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि प्रभावित क्षेत्र में विशेष निगरानी, नियमित गश्त और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
रोशनी सिंह ने यह भी कहा कि केवल घटनाओं के बाद की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दीर्घकालिक और प्रभावी रणनीति तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
लगातार बढ़ते इन हमलों से ग्रामीणों में भय का माहौल है और लोग शाम होते ही घरों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने भी वन विभाग से जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए तत्काल और सख्त कदम उठाने की अपील की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और स्थिति पर नजर रखने की बात कही जा रही है, लेकिन ग्रामीणों की चिंता यह है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक ऐसी घटनाएं रुकना मुश्किल है।
कुदरी में बढ़ता यह मानव-वन्यजीव संघर्ष अब एक गंभीर चुनौती बन चुका है, जिस पर तुरंत और प्रभावी हस्तक्षेप की आवश्यकता है।





