शहडोल में बैंक मित्रों का फूटा गुस्सा, शोषण और प्रशासनिक दबाव के खिलाफ 29 मई को महाआंदोलन और आक्रोश रैली का एलान
शहडोल।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में विभिन्न बैंकों के साथ जुड़कर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में वित्तीय सेवाएं देने वाले बैंक मित्र अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। आईसेक्ट कंपनी और बैंक प्रबंधन द्वारा किए जा रहे कथित प्रशासनिक व मानसिक दबाव, जबरन थोपे जा रहे अनैतिक नियमों और आर्थिक शोषण के खिलाफ ‘मध्य प्रदेश बैंक मित्र संगठन’ ने एक बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन की प्रांतीय और जिला इकाइयों के आह्वान पर आगामी 29 मई 2026, दिन शुक्रवार को शहडोल जिला मुख्यालय पर एक विशाल आक्रोश रैली, धरना प्रदर्शन और कलेक्ट्रेट घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है, जिसमें प्रदेश भर से सैकड़ों बैंक मित्र शामिल होंगे।

संगठन द्वारा जारी आमंत्रण और सूचना पत्र के अनुसार, यह विशाल विरोध प्रदर्शन 29 मई को सुबह 11:00 बजे से कलेक्ट्रेट कार्यालय के पास आयोजित किया जाएगा। बैंक मित्रों का आरोप है कि आईसेक्ट कंपनी और संबंधित प्रबंधकों द्वारा उन पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में बैंक मित्रों का आर्थिक शोषण बंद करने, लेनदेन पर उचित कमीशन व मानदेय सुनिश्चित करने, मनमाने टारगेट थोपने की व्यवस्था पर रोक लगाने और बिना किसी ठोस कारण के एकतरफा सेवा समाप्ति (आईडी बंद करने) की दमनकारी नीति को तुरंत वापस लेने जैसी बातें शामिल हैं। बैंक मित्रों का कहना है कि वे जनता की सेवा पूरी निष्ठा से करते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ प्रताड़ना मिल रही है।

आंदोलन के पोस्टर और प्रचार सामग्री से स्पष्ट है कि जमीनी स्तर पर बैंक मित्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है। संगठन ने सीधे तौर पर बैंक मित्रों से जुड़े चार बड़े मुद्दों को इस आंदोलन का मुख्य आधार बनाया है, जिनमें ग्राहकों को जबरन बीमा बेचने का दबाव (मिस सेलिंग), बात-बात पर बीसी आईडी बंद करने की धमकी देना, लाखों रुपये की अवैध वसूली का प्रयास करना और काम के व्यावहारिक माहौल से परे जाकर अत्यधिक टारगेट का दबाव बनाना शामिल है। बैंक मित्रों ने ‘हमारा शोषण नहीं सहेंगे’ और ‘मानदेय हमारा अधिकार है’ जैसे नारों के साथ सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर लामबंदी तेज कर दी है।

इस ऐतिहासिक महाआंदोलन और आक्रोश रैली के समापन पर मध्य प्रदेश बैंक मित्र संगठन के पदाधिकारियों द्वारा शहडोल कलेक्टर और लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) को महामहिम राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा जाएगा। संगठन के जिला और प्रदेश स्तरीय प्रभारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उनकी जायज मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया और दमनकारी नीतियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह आंदोलन केवल शहडोल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे मध्य प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से उग्र रूप में विस्तारित किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और संबंधित वेंडर कंपनियों की होगी।





