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जंगली हाथी E-5 को खितौली रेंज में सुरक्षित छोड़ा गया

admin
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*जंगली हाथी E-5 को खितौली रेंज में सुरक्षित छोड़ा गया*

*फैज मोहम्मद उमरिया पत्रकार*

दक्षिण शहडोल के घनी आबादी

जिले से सांभा वाले इलाकों के पास विचरण कर रहा जंगली नर हाथी ई-5 अब सुरक्षित रूप से बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली रेंज में शनिवार को छोड़ा गया है।बताया जा रहा है कि यह कदम मानव–हाथी द्वंद्व की घटनाओं को रोकने और हाथी के सुरक्षित विचरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया।वन विभाग के अनुसार, हाथी पिछले कुछ दिनों से केशवाही रेंज के पास रहवासियों के निकट भ्रमण कर रहा था,जिससे स्थानीय लोगों में डर और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई थीं।4 दिनों की कड़ी मेहनत और समन्वित प्रयास के बाद बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू दल एवं दक्षिण शहडोल वन मण्डल के वन अमले ने हाथी को पकड़कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा।हाथी को रिहा करने से पहले वन्यजीव विशेषज्ञों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया।स्वास्थ्य ठीक पाए जाने के बाद हाथी को खितौली रेंज में मुक्त किया गया।साथ ही,हाथी पर सैटेलाइट कॉलर लगाया गया है ताकि उसका वास्तविक समय में ट्रैकिंग की जा सके और भविष्य में मानव–हाथी संघर्ष से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

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*बाँधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने कहा,“यह मानव और वन्यजीव दोनों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला कदम है।हाथी ई-5 को सुरक्षित जंगल में लौटाकर हमने न केवल मानव–हाथी संघर्ष को कम किया है,बल्कि इसके प्राकृतिक व्यवहार और स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी भी सुनिश्चित की है।* निश्चित ही यह प्रयास टीमवर्क और विशेषज्ञता के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।इस कार्य में उपसंचालक,वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी,सहायक प्राध्यापक एसडब्लूएफएच जबलपुर,एसडीओ ताला,पनपथा और मानपुर सहित 60 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे है।विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सुरक्षित रिलीज़ ऑपरेशन से हाथियों का प्राकृतिक आवास में पुनः समायोजन और मानव–वन्यजीव संघर्ष का सफल नियंत्रण संभव है।यह घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षित प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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