ग्राम पंचायत जोधपुर में बदहाल व्यवस्था, पंचायत भवन और बालक पाठशाला खंडहर में तब्दील
ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार, बच्चों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
पत्रकार: दीनानाथ गुप्ता
ग्राम पंचायत जोधपुर में विकास कार्यों की स्थिति बदहाल नजर आ रही है। यहां पंचायत भवन और बालक पाठशाला दोनों ही जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन में न तो बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत भवन वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रहा है। बारिश के दौरान भवन की छत टपकती है, दीवारों में दरारें आ चुकी हैं और परिसर में साफ-सफाई का भी अभाव है। पंचायत संबंधी कार्यों के लिए आने वाले ग्रामीणों को बैठने तक की सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसी प्रकार ग्राम की बालक पाठशाला की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है। विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जर दिखाई दे रहा है। दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है और कई जगहों पर भवन क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे भय के माहौल में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। अभिभावकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि गांव के विकास और बच्चों के भविष्य को लेकर प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन और बालक पाठशाला का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को सुविधाएं मिल सकें और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे।





