भीम जयंती पर उमरिया में गूंजा ‘जय भीम’ का जयघोष, हिंदू–मुस्लिम एकता मंच ने किया भव्य भीम यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत
उमरिया।
संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार, 14 अप्रैल को उमरिया नगर में सामाजिक एकता और भाईचारे का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आज़ाक्स संघ उमरिया द्वारा भव्य कार्यक्रम के अंतर्गत निकाली गई ‘भीम यात्रा’ (जुलूस) ने पूरे शहर का भ्रमण कर लोगों को समानता, न्याय और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया।
यह भव्य यात्रा सामुदायिक भवन उमरिया से प्रारंभ हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और स्थलों से होती हुई आगे बढ़ी। यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ “जय भीम” के नारे लगाए। जुलूस के दौरान पूरा वातावरण अंबेडकरवादी विचारधारा की ऊर्जा और सामाजिक जागरूकता से गूंज उठा।
नगर के गांधी चौक पर पहुंचने पर भीम यात्रा का हिंदू–मुस्लिम एकता मंच द्वारा भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। मंच के सदस्यों ने जुलूस में शामिल लोगों पर फूल-मालाएं अर्पित कीं और पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने आपसी भाईचारे और सौहार्द का मजबूत संदेश दिया।
हिंदू–मुस्लिम एकता मंच के संस्थापक मो. असलम शेर ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार आज भी समाज को एकता, समानता और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, वह तभी साकार हो सकती है जब समाज में भेदभाव समाप्त हो और आपसी प्रेम एवं भाईचारा मजबूत हो।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकजुटता की भावना को सशक्त करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करते हैं। हिंदू–मुस्लिम एकता मंच हमेशा सामाजिक सद्भाव, सहयोग और मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता रहेगा तथा सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. अल्ताफ, मो. मंसूर, अब्दुल साबित, कृष्ण कांत तिवारी, नावेद अंसारी, कासिम खान, पल्लवी असाटी, रोहनी श्याम सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सदस्य उपस्थित रहे। पूरे आयोजन ने उमरिया में सामाजिक एकता और सौहार्द का प्रेरणादायक संदेश दिया।


