एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: टाइगर ने छीनी बहू की जान, सदमे में जेठ ने दी जान, वर्षों से विपत्तियों से जूझ रहा यादव परिवार
उमरिया। फैज मोहम्मद

उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के ग्राम कुदरी (चँसुरा) में रहने वाले यादव परिवार की कहानी सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। बीते कुछ वर्षों से यह परिवार लगातार ऐसी त्रासदियों का सामना कर रहा है, जिसने उनकी जिंदगी को दर्द और आंसुओं से भर दिया है। फसलों की बर्बादी, पिता की आत्महत्या, बेटी की मौत, मवेशियों का नुकसान, टाइगर के हमले में बहू की मौत और अब परिवार के बड़े बेटे की आत्महत्या ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।
ताजा मामला बुधवार का है, जब ममता यादव के जेठ तीरथ यादव (37) का शव अमरपुर चौकी क्षेत्र के ग्राम देवगवा में एक आम के पेड़ से लटका मिला। तीरथ अपनी ससुराल में रह रहे थे। सुबह ग्रामीणों की नजर जब पेड़ से लटकते शव पर पड़ी तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही अमरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
16 मई को टाइगर ने ली थी बहू की जान
गौरतलब है कि 16 मई को तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गई ममता यादव पर टाइगर ने हमला कर दिया था। हमले में ममता की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना से परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी। परिजन अभी उस सदमे से उबर भी नहीं पाए थे कि एक और दुखद घटना ने उन्हें झकझोर दिया।
कभी हाथियों ने उजाड़ी फसल, तो कभी तेंदुए ने मारे मवेशी
ग्रामीणों के अनुसार यादव परिवार के पास लगभग ढाई एकड़ कृषि भूमि थी। खेती ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन थी, लेकिन कुछ वर्ष पहले जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर पूरी फसल बर्बाद कर दी। लगातार हुए आर्थिक नुकसान और बढ़ती परेशानियों ने परिवार के मुखिया कन्ना सिंह यादव को मानसिक रूप से तोड़ दिया। आखिरकार उन्होंने आत्महत्या कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
पिता की मौत के बाद परिवार ने मवेशी पालन का सहारा लिया, लेकिन दुर्भाग्य ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। एक रात तेंदुआ बाड़े में घुस आया और कई मवेशियों को मार डाला। इससे परिवार को भारी आर्थिक क्षति हुई और उनका सहारा भी छिन गया।

बेटी की मौत के बाद बहू और अब बेटे को खोया
इन हादसों के बीच परिवार की एक बेटी गंभीर बीमारी की चपेट में आ गई। इलाज के लिए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी।
इसके बाद टाइगर के हमले में बहू ममता यादव की मौत हुई और अब बड़े बेटे तीरथ यादव ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक के बाद एक हुए इन हादसों ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
गांव में शोक, हर आंख नम
यादव परिवार पर टूटे दुखों के इस अंतहीन सिलसिले की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इतने कम समय में शायद ही किसी परिवार ने इतनी बड़ी-बड़ी त्रासदियों का सामना किया होगा। घर में मातम पसरा हुआ है, जबकि गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटनाक्रम से स्तब्ध हैं।
फिलहाल पुलिस तीरथ यादव की मौत के कारणों की जांच कर रही है। वहीं पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
यस न्यूज़, उमरिया
रिपोर्ट: फैज मोहम्मद





