Ad imageAd image
d84ef9efc3d53b57ca3a957694261ad58b2c2b9e

प्रदेश में कमर्शियल LPG पर ताला, घरेलू उपभोक्ताओं को राहत

admin
3 Min Read
इस खबर को शेयर करें

भू-राजनीतिक स्थिति का असर: प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी सप्लाई पर अस्थायी रोक

भोपाल। 

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश ने प्रदेश के सभी जिलों को निर्देश जारी करते हुए वाणिज्यिक श्रेणी के एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर अहम आदेश जारी किया है। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण एलपीजी के आयात में आई बाधा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि फिलहाल एलपीजी की आपूर्ति और विपणन को घरेलू उपभोक्ताओं तक प्राथमिकता के साथ सीमित रखा जाए, ताकि घरों में गैस की नियमित उपलब्धता बनी रहे।

- Advertisement -
Ad imageAd image

कमर्शियल उपभोक्ताओं को फिलहाल नहीं मिलेगी गैस:

निर्देशों के अनुसार वर्तमान स्थिति में चिकित्सालयों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं—जैसे होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयां, फैक्ट्री और बल्क एलपीजी का उपयोग करने वाले प्रतिष्ठानों—को कमर्शियल एलपीजी (बल्क और पैक्ड) की आपूर्ति अस्थायी रूप से नहीं की जाएगी।

घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता:

तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुछ अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी लागू की हैं। इसके तहत पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही एलपीजी रिफिल की बुकिंग स्वीकार की जाएगी, ताकि गैस का समान और नियंत्रित वितरण सुनिश्चित किया जा सके तथा कालाबाजारी और अफरा-तफरी की स्थिति से बचा जा सके।

 

प्रदेश में फिलहाल पर्याप्त स्टॉक:

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए आम नागरिकों को घबराने या अतिरिक्त खरीदारी करने की आवश्यकता नहीं है।

कलेक्टरों को दिए गए निर्देश:

आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि—

जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ नियमित बैठक कर एलपीजी स्टॉक की समीक्षा करें।

बड़े वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के साथ बैठक कर उन्हें उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक ईंधन स्रोत अपनाने की सलाह दें।

यह सुनिश्चित किया जाए कि एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और कालाबाजारी किसी भी स्तर पर न होने पाए।

विभाग ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और उनके फील्ड अधिकारियों को भी जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रदेश में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।

संभावित प्रभाव:

विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय का असर होटल, रेस्टोरेंट और औद्योगिक इकाइयों पर पड़ सकता है। ऐसे में इन संस्थानों को फिलहाल वैकल्पिक ईंधन व्यवस्थाओं की ओर रुख करना पड़ सकता है।

 

Share This Article
Leave a Comment