पीएम किसान स्कीम की अगली किस्त के लिए ‘फार्मर आईडी’ ज़रूरी,
-एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की तरफ़ से ज़रूरी निर्देश—-

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- पीएम किसान स्कीम की अगली किस्त के लिए ‘फार्मर आईडी’ ज़रूरी,
- -एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट की तरफ़ से ज़रूरी निर्देश—-
- फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फ़ायदा उठा रहे किसानों के लिए ज़रूरी खबर। चीफ़ एग्रीकल्चर ऑफ़िसर फरीदकोट डॉ. कुलवंत सिंह ने बताया है कि भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक, अब किसानों के पास ‘एग्रीस्टेक’ के तहत रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) होना ज़रूरी है। जिन किसानों की आईडी नहीं बनी है, उनके अकाउंट में 2,000 रुपये की अगली किस्त अटक सकती है। सब्सिडी लेने के लिए भी आईडी ज़रूरी होगी। डॉ. कुलवंत सिंह ने कहा कि सिर्फ़ कैश किस्त ही नहीं, बल्कि खेती से जुड़ी दूसरी सुविधाएँ जैसे खाद पर सब्सिडी, खेती के मशीनरी पर छूट, इन सबके लिए भी आईडी ज़रूरी कर दी गई है। सरकार का मकसद खेती से जुड़ी सेवाओं को डिजिटाइज़ करना और ट्रांसपेरेंसी लाना है। ज़मीन के रिकॉर्ड आधार कार्ड से लिंक किए जाएँगे चीफ़ एग्रीकल्चर ऑफ़िसर ने साफ़ किया कि किसानों की ज़मीन की डिटेल्स पहले से ही ऑनलाइन मौजूद हैं, अब इसे किसान के आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। डिपार्टमेंट की तरफ से गांवों में लगाए जा रहे ट्रेनिंग कैंप के ज़रिए किसानों को इस प्रोसेस के बारे में जागरूक किया जा रहा है। आईडी कहां बनेगी? किसान अपनी फार्मर आईडी बनाने के लिए ये स्टेप्स अपना सकते हैं: – अपने गांव या पास के सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाएं। अपना आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल फोन ज़रूर साथ ले जाएं। यह आईडी बिल्कुल फ्री में बनाई जा रही है। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें ताकि किसी भी तरह की खेती-बाड़ी में मदद मिलने में देरी न हो। न्यूज़: 10-2, फोटो:
फरीदकोट (अलेक्जेंडर डिसूज़ा): प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फ़ायदा उठा रहे किसानों के लिए ज़रूरी खबर। चीफ़ एग्रीकल्चर ऑफ़िसर फरीदकोट डॉ. कुलवंत सिंह ने बताया है कि भारत सरकार के निर्देशों के मुताबिक, अब किसानों के पास ‘एग्रीस्टेक’ के तहत रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) होना ज़रूरी है। जिन किसानों की आईडी नहीं बनी है, उनके अकाउंट में 2,000 रुपये की अगली किस्त अटक सकती है।
सब्सिडी लेने के लिए भी आईडी ज़रूरी होगी।
डॉ. कुलवंत सिंह ने कहा कि सिर्फ़ कैश किस्त ही नहीं, बल्कि खेती से जुड़ी दूसरी सुविधाएँ जैसे खाद पर सब्सिडी, खेती के मशीनरी पर छूट, इन सबके लिए भी आईडी ज़रूरी कर दी गई है। सरकार का मकसद खेती से जुड़ी सेवाओं को डिजिटाइज़ करना और ट्रांसपेरेंसी लाना है।
ज़मीन के रिकॉर्ड आधार कार्ड से लिंक किए जाएँगे
चीफ़ एग्रीकल्चर ऑफ़िसर ने साफ़ किया कि किसानों की ज़मीन की डिटेल्स पहले से ही ऑनलाइन मौजूद हैं, अब इसे किसान के आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। डिपार्टमेंट की तरफ से गांवों में लगाए जा रहे ट्रेनिंग कैंप के ज़रिए किसानों को इस प्रोसेस के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
आईडी कहां बनेगी?
किसान अपनी फार्मर आईडी बनाने के लिए ये स्टेप्स अपना सकते हैं: – अपने गांव या पास के सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाएं।
अपना आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल फोन ज़रूर साथ ले जाएं।
यह आईडी बिल्कुल फ्री में बनाई जा रही है।
उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें ताकि किसी भी तरह की खेती-बाड़ी में मदद मिलने में देरी न हो।
न्यूज़: 10-2,
फोटो:
सब्सिडी लेने के लिए भी आईडी ज़रूरी होगी।
डॉ. कुलवंत सिंह ने कहा कि सिर्फ़ कैश किस्त ही नहीं, बल्कि खेती से जुड़ी दूसरी सुविधाएँ जैसे खाद पर सब्सिडी, खेती के मशीनरी पर छूट, इन सबके लिए भी आईडी ज़रूरी कर दी गई है। सरकार का मकसद खेती से जुड़ी सेवाओं को डिजिटाइज़ करना और ट्रांसपेरेंसी लाना है।
ज़मीन के रिकॉर्ड आधार कार्ड से लिंक किए जाएँगे
चीफ़ एग्रीकल्चर ऑफ़िसर ने साफ़ किया कि किसानों की ज़मीन की डिटेल्स पहले से ही ऑनलाइन मौजूद हैं, अब इसे किसान के आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। डिपार्टमेंट की तरफ से गांवों में लगाए जा रहे ट्रेनिंग कैंप के ज़रिए किसानों को इस प्रोसेस के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
आईडी कहां बनेगी?
किसान अपनी फार्मर आईडी बनाने के लिए ये स्टेप्स अपना सकते हैं: – अपने गांव या पास के सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाएं।
अपना आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल फोन ज़रूर साथ ले जाएं।
यह आईडी बिल्कुल फ्री में बनाई जा रही है।
उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लें ताकि किसी भी तरह की खेती-बाड़ी में मदद मिलने में देरी न हो।
न्यूज़: 10-2,
फोटो:


