सिद्धाश्रम धाम में 22 सेवकों को मिला श्रमशक्ति पुरस्कार, प्रमाण पत्र के साथ 10-10 हजार रुपये देकर किया सम्मानित
सेवा, समर्पण और निष्ठा की मिसाल बने सेवक; शॉल और सम्मान राशि देकर किया गया अभिनंदन
विनय द्विवेदी, ब्यौहारी। पंचज्योति शक्तितीर्थ सिद्धाश्रम धाम, ब्यौहारी में आयोजित तीन दिवसीय शक्ति चेतना जनजागरण त्रिशक्ति साधना शिविर का समापन सेवाभाव और सम्मान के प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर आश्रम में निष्ठा, परिश्रम और समर्पण के साथ सेवा करने वाले 22 सेवकों को श्रमशक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रत्येक सम्मानित सेवक को प्रमाण पत्र, शॉल और 10 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर उनके योगदान का अभिनंदन किया गया।
सम्मान समारोह में भगवती मानव कल्याण संगठन की अध्यक्ष पूजा शुक्ला तथा भारतीय शक्ति चेतना पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सिद्धाश्रम धाम ट्रस्ट की प्रधान न्यासी ज्योति शुक्ला ने सेवकों को सम्मानित किया। इस दौरान निस्वार्थ सेवा, कठिन परिश्रम और मानवता के प्रति समर्पण को समाज की अमूल्य धरोहर बताते हुए सेवाभावी व्यक्तियों के योगदान की सराहना की गई।
समारोह में इस बात को रेखांकित किया गया कि किसी भी सामाजिक और आध्यात्मिक संस्थान की मजबूती के पीछे समर्पित कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे सेवक अपने परिश्रम और निष्ठा से सेवा की भावना को जीवंत रखते हैं। श्रमशक्ति पुरस्कार के माध्यम से उनके योगदान को सम्मान देने के साथ ही अन्य लोगों को भी निस्वार्थ भाव से सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
इन 22 सेवकों को मिला श्रमशक्ति पुरस्कार
श्रमशक्ति पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में जयसिंह कुशवाहा, खिलेन्द्र चन्द्राकर, अलोपी शुक्ला, हनुमत सिंह लोधी, नवनीत शुक्ला, सुनील कुमार त्रिवेदी (रिंकू), देशराज पटेल, सरजू पटेल, महेन्द्र पटेल, विपिन कुमार सिंह, शिवकुमार नामदेव (मुकेश), रणबीर सिंह, दिगम्बर सिंह, राधेश्याम, बद्रीप्रसाद राजपाली, अमरजीत मरावी, परसू सिंह, गणेश प्रसाद अठया, बिसालू राम केवट, शोभना द्विवेदी, रश्मि शर्मा एवं ममता ठाकुर शामिल हैं।
सेवा और समर्पण को मिला सम्मान
सिद्धाश्रम धाम में आयोजित यह सम्मान समारोह सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना को प्रोत्साहित करने वाला अवसर बना। 22 सेवकों को सम्मानित कर उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज और संस्थाओं की उन्नति में निस्वार्थ भाव से कार्य करने वाले लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और उनके समर्पण को सम्मान मिलना दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता है।





