जन विश्वास शिविर की सच्चाई सामने: टूटी पुलिया पर खुद फावड़ा लेकर उतरे पार्षद
संभागीय ब्यूरो विनय द्विवेदी की रिपोर्ट
वार्ड क्रमांक 9 न्यू बरौधा में बाणसागर विस्थापितों की परेशानी, शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
ब्यौहारी । नगर ब्यौहारी के वार्ड क्रमांक 9 न्यू बरौधा में बाणसागर परियोजना से विस्थापित परिवारों की बसाहट है। वार्ड में बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं और इसी क्षेत्र में क्षेत्रीय विधायक शरद जुगलाल कोल का निवास भी है। इसके बावजूद वार्ड की मूलभूत समस्याओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वार्ड की एक महत्वपूर्ण पुलिया पिछले वर्ष हुई अतिवृष्टि के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिया टूटने के बाद वार्डवासियों के आवागमन में भारी परेशानी उत्पन्न हो गई। बरसात के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों एवं वार्डवासियों का कहना है कि पुलिया के निर्माण अथवा मरम्मत के लिए कई बार शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन लंबे समय बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
एसडीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाई समस्या
पुलिया के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर वार्ड पार्षद धर्मेंद्र सिंह एवं वार्डवासियों द्वारा एसडीएम, नगर पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर शहडोल सहित मुख्यमंत्री को आवेदन एवं ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की गई। लगातार शिकायतों के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वार्डवासियों ने उम्मीद के साथ ब्यौहारी में आयोजित जन विश्वास कार्यक्रम में भी अपनी समस्या रखी।
वार्डवासियों का कहना है कि जन विश्वास कार्यक्रम में भी पुलिया की समस्या जिम्मेदारों के सामने रखी गई, लेकिन इसके बाद भी मौके पर समस्या का समाधान नहीं हो सका। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जब सिस्टम ने नहीं सुनी तो पार्षद खुद फावड़ा लेकर उतर गए
प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं होने के बाद वार्ड के निर्दलीय पार्षद धर्मेंद्र सिंह ने पुलिया की मरम्मत का बीड़ा स्वयं उठाया। पार्षद खुद फावड़ा और गैती लेकर मौके पर पहुंचे और वार्डवासियों के साथ मिलकर क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत के कार्य में जुट गए।
पार्षद का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ के बजाय वार्डवासियों का आवागमन सुचारू कराना है। लंबे समय से समस्या झेल रहे लोगों को तत्काल राहत मिल सके, इसलिए उन्होंने स्वयं श्रमदान करने का निर्णय लिया।
बाणसागर विस्थापितों के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप
वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि बाणसागर परियोजना के कारण विस्थापित होकर यहां बसाए गए परिवार आज भी कई मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि विस्थापन के बाद बेहतर सुविधाओं और व्यवस्थित बसाहट की उम्मीद थी, लेकिन आज भी सड़क, नाली, पुलिया और अन्य बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं।
वार्डवासियों ने सवाल उठाया कि जब बार-बार आवेदन देने के बावजूद एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पुलिया की मरम्मत नहीं हो पा रही है, तो आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आखिर किसके पास जाए?
नवागत कलेक्टर से जगी उम्मीद
अब वार्ड पार्षद धर्मेंद्र सिंह एवं वार्डवासियों ने शहडोल के नवागत कलेक्टर पार्थ जैसवाल से इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेने की मांग की है। वार्डवासियों को उम्मीद है कि कलेक्टर बाणसागर विस्थापित परिवारों की समस्याओं को प्राथमिकता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश देंगे और क्षतिग्रस्त पुलिया का स्थायी निर्माण कराया जाएगा।
फिलहाल पार्षद द्वारा स्वयं फावड़ा लेकर पुलिया की मरम्मत किए जाने की तस्वीरें नगर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। सवाल यह है कि जब जन विश्वास कार्यक्रम में समस्या बताने के बाद भी समाधान नहीं हुआ और अंततः पार्षद को खुद फावड़ा उठाना पड़ा, तो क्या अब प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेगा?





