Ad imageAd image
d84ef9efc3d53b57ca3a957694261ad58b2c2b9e

आदिवासी किसान पर फर्जी वन अपराध का आरोप, जांच और वनाधिकार पत्र की मांग

NEWS DESK
2 Min Read
इस खबर को शेयर करें

वनाधिकार अधिनियम के तहत अधिकार पत्र देने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर जनआंदोलन की चेतावनी

आदिवासी किसान पर फर्जी वन अपराध का आरोप, जांच और वनाधिकार पत्र की मांग

यश न्यूज संभागीय ब्यूरो विनय द्विवेदी 

ब्यौहारी। जिला शहडोल अंतर्गत जनपद पंचायत ब्यौहारी के ग्राम जमुनी निवासी प्यारेलाल कोल पिता लूखुआ कोल के विरुद्ध वन विभाग द्वारा दर्ज किए गए वन अपराध प्रकरण को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने आपत्ति जताई है। पार्टी ने पश्चिम ब्यौहारी वन मंडल के वन परिक्षेत्र अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पात्रता के आधार पर वनाधिकार पत्र प्रदान किए जाने की मांग की है।

- Advertisement -
Ad imageAd image

पार्टी का कहना है कि प्यारेलाल कोल कोल अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं और उनके परिवार का लंबे समय से उक्त वनभूमि पर कब्जा है, जहां वे खेती-किसानी कर अपना जीवन-यापन करते आ रहे हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित भूमिहीन आदिवासी परिवार से हैं। ऐसे में वनाधिकार अधिनियम के तहत उनके दावे की जांच कर वन अधिकार पत्र प्रदान करने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। आरोप है कि वन विभाग द्वारा वनाधिकार की प्रक्रिया अपनाने के बजाय उनके विरुद्ध अतिक्रमण की कार्रवाई की गई।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने वन विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वन अपराध प्रकरण की वास्तविकता सामने लाई जाए तथा यदि कार्रवाई तथ्यों के विपरीत पाई जाती है तो नियमानुसार संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही प्यारेलाल कोल के कब्जे और पात्रता की जांच कर वनाधिकार अधिनियम, 2006-7 एवं नियम 2012 के तहत वन अधिकार पत्र प्रदान करने की मांग की गई है।

पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आदिवासी अधिकारों एवं न्याय की मांग को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से जनआंदोलन किया जाएगा।

- Advertisement -
Ad imageAd image
Share This Article
Leave a Comment