🚨 प्रतिबंध के बावजूद चल रही अवैध बोरिंग पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, मशीन-वाहन जब्त
उमरिया। जिले में गंभीर जल संकट को देखते हुए लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद अवैध रूप से बोरिंग किए जाने का मामला सामने आया है। प्रशासन ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए न केवल बोरिंग कार्य रुकवाया, बल्कि मौके से बोरिंग मशीन और वाहन भी जब्त कर लिए हैं।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती राखी सहाय द्वारा पूरे उमरिया जिले को जल अभावग्रस्त घोषित किया गया है। इसके तहत नए निजी हैंडपंप और ट्यूबवेल उत्खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। साथ ही मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 3 एवं 6(1) के अंतर्गत जल संरक्षण से जुड़े कई कार्यों पर रोक लगाई गई है, जिसमें नए बोरिंग, ट्यूबवेल खुदाई तथा जल स्रोतों के पानी का अनियंत्रित उपयोग शामिल है।
📍 शिकायत पर पहुंची प्रशासनिक टीम
बांधवगढ़ तहसील क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद बोरिंग कार्य की शिकायत मिलने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अंबिकेश प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। यह कार्रवाई ग्राम डोगरगवां, पोस्ट मजमानी कला, वृत्त तामन्नारा में की गई।
🛠️ मौके पर अवैध बोरिंग करते पकड़ा गया कार्य
जांच के दौरान पाया गया कि रामलाल यादव, पिता स्वर्गीय श्यामलाल यादव के घर परिसर में बोरिंग मशीन क्रमांक एमपी-54-जेडसी-1555 और ट्रक क्रमांक एमपी-54-जेडसी-1667 की मदद से अवैध रूप से बोरिंग का कार्य किया जा रहा था।
हालांकि संबंधित पक्ष द्वारा किसी भी प्रकार की वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी।
🚓 मशीन और वाहन जब्त, थाने में खड़े कराने के निर्देश
अनुमति न मिलने और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बोरिंग मशीन और संबंधित वाहन को जब्त कर लिया। दोनों को कोतवाली थाने में अभिरक्षा हेतु खड़ा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
⚠️ प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल संरक्षण संबंधी प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिले में जल संकट को देखते हुए नियमों का पालन अनिवार्य किया गया है और किसी भी प्रकार की अवैध बोरिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





